लॉकडाउन के दौरान हरियाणा में लोगों को खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर कतई बेचैन होने की जरूरत नहीं है। रसद सामग्री की सप्लाई चैन न टूटे, इसे लेकर हरियाणा सरकार पूरी तरह से गंभीर है।
मिड-डे मील पाने वाले छात्रों से लेकर आखिरी पंक्ति में खड़े अंत्योदय व्यक्ति तक इस संकट की घड़ी में रसद कैसे पहुंचे, इसे लेकर सरकार लगातार हर संभव कोशिशों में जुटी हुई है। प्रदेश की स्टेट लेवल सप्लाई चेन मॉनीटरिंग कमेटी में सरकार के आला अफसरों ने रसद सप्लाई चेन को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
इन निर्णयों से हरियाणा के सभी जिलों के उपायुक्तों, खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों (डीएफएससी), पुलिस अफसरों और कॉनफेड के अधिकारियों समेत अन्य अफसरों को अवगत करवा दिया गया है। सभी अफसरों को स्पष्ट कर दिया गया है कि हरियाणा के किसी भी शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को खाद्य पदार्थों की कमी नहीं होने दी जाए।
अफसरों को निर्देश है कि अपने जिलों की रोजाना रिपोर्ट हेडक्वार्टर मेल से भेजी जाए। कमेटी के चेयरमैन पीके दास के अनुसार प्रदेश में खाद्य सामग्री की किसी प्रकार से कोई कमी नहीं है। लोगों तक रसद सामग्री आसानी से पहुंचती रहे। इसे लेकर हरियाणा सरकार बेहद प्रयासरत है।
अहम रहेगी जिलों के डीसी और डीएफएससी की जिम्मेवारी
- सभी जिलों के खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक यह सुनिश्चित करेंगे कि लोगों के लिए अप्रैल महीने का राशन 5 अप्रैल तक सरकारी डिपो पर पहुंच जाए।
- सभी राशन की दुकानें राशन वितरण के दौरान खुलेंगी। गुलाबी व पीले राशन कार्ड धारकों को अप्रैल में मुफ्त राशन देना सुनिश्चित किया जाए।
- कानफेड के एमडी यह सुनिश्चित करेंगे कि गोदामों से लेकर राशन डिपो तक पीडीएस के तहत खाद्य सामग्री बिना रुकावट के पहुंचे। अगर कोई दिक्कत आती है तो जिला प्रशासन से समन्वय कर कामर्शियल वाहनों को पास जारी करवाएं।
- डीसी सुनिश्चित करेंगे की खाद्य सामग्री की थोक दुकानें खुली रहें और वहां से रिटेल शॉप तक रसद वाहनों द्वारा बेरोकटोक पहुंचे।
- डीसी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि लोगों को फलों सब्जियों, दूध, पशु, चारा, आटा समेत जरूरी चीज रिटेल शॉप पर उपलब्ध मिलें। साथ ही स्थानीय पशु चारा प्लांट, आटा व दाल मिलें खुली रहें।
- हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक हरियाणा में सब्जियों के होलसेलर और वेंडर्स के नाम जिलों के डीसी से शेयर करेंगे।
- जिलों के डीएफएससी खाद्य आपूर्ति को लेकर विभिन्न विभागों से कॉर्डिनेट करेंगे। ताकि सप्लाई चैन न टूटे। इस काम में लगे किसी वाहन या लेबर को स्पेशल पास की जरूरत है तो डीएफएससी इसका इंतजाम करवाएंगे।
- मिल्कफेड के एमडी सुनिश्चित करेंगे की दुधारू पशुओं को चारे की कमी न हो। शहरों में दूध की सप्लाई न रुके। जरूरत पड़े तो मिल्क पाउडर भी बेचा जा सकता है।
- संभव हो तो जिलों के डीसी और डीएफएससी लोगों के लिए किराना व अन्य जरूरी सामान की डोर- टू- डोर सप्लाई भी करवाकर लोगों को घरों तक सुविधा दे सकते हैं।
- किराना वस्तुओं, दूध व सब्जियों के उत्पादक और वेंडर जिला प्रशासन के परमिट पास के साथ एक दूसरे जिलों में आवाजाही कर सकते हैं।
- जिलों के डीसी और डीएफएससी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके इलाकों में किसी भी प्रकार से दालों की कमी भी न हो। इसके लिए वे एमडी हैफेड से लाइजनिंग रखें।
- हरियाणा पुलिस महानिदेशक प्रदेश में सप्लाई चैन के दौरान होने वाली आवाजाही में यदि कोई दिक्कत आती है, तो उसका हल सुनिश्चित करवाएंगे।
- सभी जिलों के डीसी सप्लाई चैन न टूटे, इसे लेकर सावधान रहेंगे और रोजाना इन गतिविधियों पर व्यक्तिगत मॉनिटरिंग करेंगे।