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भूस्खलन: झुग्गी पर गिरा मलबा, भाई-बहन समेत तीन की मौत

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रास्ता बंद होने से मौके पर नहीं पहुंच पाई एंबुलेेंस, घायल को चारपाई में लिटाकर अस्पताल पहुंचाया
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिंजौर। पिंजौर की देवल घाटी में पहाड़ की तलहटी में बनी एक झुग्गी पर पहाड़ का मलबा कहर बनकर टूटा। मलबे के नीचे दबने से एक युवक सहित दो बच्चों की मौत हो गई। घटना सोमवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे की है। सूचना मिलने पर दमकल विभाग, पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। घटना में आकाश उम्र करीब 19 वर्ष, कार्तिक उम्र करीब 7 साल और प्रिया करीब 5 साल की मौत हो गई। आकाश और प्रिया भाई बहन थे, जबकि कार्तिक आकाश का भांजा था।
मौके से मिली जानकारी के अनुसार झुग्गी की दीवार पत्थर से बनी थी, जबकि छत पर टीन डाली हुई थी। सोमवार को तेज बारिश के दौरान भूस्खलन की वजह से मलबा झुग्गी के ऊपर आकर गिर गया। लोगों ने बताया कि आकाश और कार्तिक एक जगह पर खाना खा रहे थे, जबकि प्रिया बेड पर बैठी थी। मौके पर पहुंचे दमकल विभाग के अधिकारी सुरेंद्र ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि शिवलोत्रियां मंदिर के समीप एक मकान के नीचे कुछ लोग दब गए हैं। पुलिस, एंबुलेंस सहित वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि शिवलोत्रिया मार्ग बंद होने की वजह से वे पहाड़ी रास्ते से उतर कर करीब दो-तीन किलोमीटर चलने के बाद घटना स्थल पर पहुंचे। सुरेंद्र ने बताया कि उनके पहुंचने से पहले कपिल नाम का एक युवक उन्हें बचाने के लिए गया परंतु वह भी बुरी तरह घायल हो गया। इसके बाद गोपी नाम के एक युवक सहित दमकल विभाग की टीम और पुलिस ने मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए बचाव अभियान चलाया। उन्होंने सबसे पहले एक युवक और एक बच्चे को मलबे से बाहर निकाला। इस दौरान मलबे में दबी बच्ची उन्हें नहीं मिली। उसके बाद उन्होंने झुग्गी में बेड वाली जगह से मलबा उठाना शुरू किया तो उन्हें प्रिया मिली। घायलों को अस्पताल ले जाया गया, वहां डाॅक्टरों ने घायलों को मृत घोषित कर दिया।
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घायल को चारपाई पर लिटाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया

मलबे के नीचे दबे बच्चों सहित युवक को बचाने आया स्थानीय युवक कपिल भी मलबे में दबने से घायल हो गया। उसने किसी तरह अपनी जान बचाई। घायल कपिल को स्थानीय लोगों ने चारपाई पर लिटाकर करीब दो किलोमीटर पैदल चलने के बाद पिंजौर-कालका परवाणू बाईपास पर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाया।
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क्यों नहीं पहुंची एनडीआरएफ की टीम
मौके पर लोगों ने प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। लोगों ने कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि दो बच्चों सहित एक युवक की मलबे के नीचे दबने से मौत हो गई, परंतु मौके पर न तो एनडीआरएफ की टीम पहुंची और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी। दमकल विभाग सहित दो पुलिस कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने की भरसक कोशिश की परंतु उनके पास केवल एक फावड़ा और एक गेंती थी। इससे वे मलबे और पत्थरों को हटा रहे थे। अगर मौके पर जेसीबी या एनडीआरआफ की टीम पहुंचती तो दोनों बच्चों सहित युवक को बचाया जा सकता
था।
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