चंडीगढ़। किसान शुभकरण की किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई मौत के मामले में जस्टिस जय श्री ठाकुर की अध्यक्षता में बनी न्यायिक कमेटी ने जांच रिपोर्ट के लिए 6 सप्ताह की मोहलत मांगी है। कमेटी ने हाईकोर्ट को लिखे पत्र में कहा कि हरियाणा सरकार की न्यायिक जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील के कारण आयोग की जांच में देरी हुई है, अब उन्हें रिपोर्ट के लिए 6 सप्ताह की मोहलत दी जाए। इसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी।
बुधवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूछा कि सरकार की सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक जांच के आदेश के खिलाफ अपील की क्या स्थिति है। इस पर हाईकोर्ट को बताया गया कि केस विचाराधीन है और सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पर रोक नहीं लगाई है। इसके बाद कमेटी की ओर से हाईकोर्ट के लिखे पत्र में बताया गया कि अभी शुभकरण की मौत के मामले में जांच के लिए उन्हें 6 सप्ताह की मोहलत चाहिए। कमेटी 18 अप्रैल को घटना स्थान का निरीक्षण करेगी और नरवाना के सरकारी गेस्ट हाउस में गवाहों के बयान होंगे। हाईकोर्ट ने इस पर कमेटी को 6 सप्ताह की मोहलत देते हुए अंतरिम जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने दोनों राज्यों को न्यायिक जांच कमेटी के साथ सहयोग करने का भी आदेश दिया है।
शुभकरण सिंह की 21 फरवरी को पंजाब-हरियाणा सीमा पर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने वाले कानून की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान मौत हो गई थी। आरोप है कि हरियाणा पुलिस द्वारा चलाई गई गोली लगने से उसकी मौत हो गई। हाईकोर्ट ने 7 मार्च को शुभकरण सिंह की मौत की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी। तीन सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व जस्टिस जयश्री ठाकुर को सौंपी गई थी।
कमेटी तय करेगी कि शुभकरण की मौत हरियाणा के क्षेत्राधिकार में हुई थी या पंजाब के क्षेत्र में। मौत का कारण क्या था और किस हथियार का इस्तेमाल किया गया था। आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग किया गया था क्या वह परिस्थितियों के अनुरूप था या नहीं। साथ ही शुभकरण की मौत के मुआवजे को लेकर भी कमेटी को फैसला लेना है।