चंडीगढ़। चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 30 जनवरी को भारतीय राजनीति के इतिहास में काले दिन के तौर पर दर्ज किया है। सीएम मान ने कहा भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने मंगलवार को चंडीगढ़ के मेयर के चयन के दौरान लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई हैं। पंजाब भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन हमारे लोकतंत्र के इतिहास में काले दिन के तौर पर याद रखा जाएगा। मान ने कहा कि यह भाजपा की पुरानी आदत है, क्योंकि उसने पहले भी मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों का तख्ता पलटा है।
मेयर चुनाव का यह हाल तो समूचे देश का क्या होगा
मेयर चुनाव में केवल 36 वोटों की गिनती निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं हो सकती तो समूचे देश में मतदान और वोटों की गिनती कैसे निष्पक्ष तरीके से होगी। सीएम ने कहा कि फिर नेता अपने निजी स्वार्थों के लिए वोटरों से बैलेट पेपर लुटेंगे और पहले भी ईवीएम इन नेताओं के घरों से मिली हैं। लोकतंत्र सही दिशा में नहीं जा रहा और यह देश एवं आम आदमी के हित में नहीं है।
पीठासीन अधिकारी के खिलाफ देश द्रोह का केस दर्ज करने की मांग
मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव के पीठासीन अधिकारी के खिलाफ देश के संविधान का उल्लंघन कर उसकी धज्जियां उड़ाने को लेकर देश द्रोह का केस दर्ज करने को कहा है। मान ने कहा कि पीठासीन अधिकारी ने पोलिंग एजेंटों की गैर हाजिरी में वोटों की गिनती की, ताकि भाजपा उम्मीदवार की जीत पक्की की जा सके। यह एक संयोजित कदम था। उन्होंने कहा कि वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और इस चयन को चुनौती देंगे क्योंकि इस चयन में लोकतांत्रिक नैतिक-मूल्यों का हनन किया गया।