चंडीगढ़। हरियाणा में युवाओं को स्थानीय स्तर पर कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए राजकीय आईटीआई में अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आईटीआई प्रशिक्षुओं के संचार कौशल में सुधार के लिए सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल किए जाएंगे और स्टार्टअप इनक्यूबेटर स्थापित होंगे। सोमवार को मुख्य सचिव संजीव कौशल ने अधिकारियों की बैठक ली और कौशल विकास पहलों की प्रगति की समीक्षा की। कौशल ने प्रतिनिधियों से अगली मासिक समीक्षा बैठक के लिए एजेंडा तैयार करने, प्लेसमेंट लक्ष्य बढ़ाने, समय अवधि के आधार पर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, प्रतिशत का मूल्यांकन करने और सेवा प्रदाताओं के साथ परामर्श बैठकें करने के भी निर्देश दिए। कौशल ने कहा कि कौशल विकास केंद्रों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित किया जाए और प्रशिक्षण और प्लेसमेंट में आने वाली बाधाओं को दूर करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी प्राप्त करने वाले छात्रों का मूल्यांकन किया जाए। ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग के तहत हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत विभिन्न कदम उठाने और आईटीआई में बुनियादी ढांचा के विकास के लिए सीएसआर सहयोग के संबंध में भी चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य सचिव को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और पहलों जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, रिकॉगनिशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल), राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और स्किलिंग, अप-स्किलिंग, री-स्किलिंग ऑफ़ यूथ एंड असेसमेंट सहित से भी अवगत कराया गया। बैठक में कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के आयुक्त एवं सचिव विजय सिंह दहिया, विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू और हरियाणा कौशल विकास मिशन (एचएसडीएम), राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के प्रतिनिधि उपस्थित थे।