चंडीगढ़। पनग्रेन के गोदामों से 989 क्विंटल गेहूं गायब कर सरकारी खजाने को 1.24 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने पनग्रेन के इंस्पेक्टर (ग्रेड-1) बिक्रमजीत सिंह को बुधवार को गिरफ्तार किया है। यह घोटाला उस समय किया जब वह साल 2019 से 2021 तक श्री खडूर साहिब जिला तरनतारन में पनग्रेन गोदामों के इंचार्ज के रूप में तैनात था। मौजूदा समय में वह इंस्पेक्टर के पद पर गुरदासपुर में तैनात है। विजिलेंस ने उस पर भ्रष्टाचार निरोधी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। साथ ही आरोपी को उसकी सेवाओं से निलंबित कर दिया है। विजिलेंस आरोपी की गत छह साल में बनाई गई संपत्ति की जांच कर रही है।
विजिलेंस ब्यूरो की तरनतारन यूनिट ने तकनीकी टीम के साथ मिलकर कुछ समय पहले श्री खडूर साहिब में पनग्रेन के गोदामों में औचक चेकिंग की। इन गोदामों में स्टोर किए गए स्टॉक में क्रमवार 2019-2020 और 2020-2021 के दौरान 760 और 229 क्विंटल गेहूं गायब पाया गया। इस गेहूं की मार्केट कीमत 12493709 रुपये निकली।
मामला ध्यान में आने के बाद विजिलेंस ने सारी पड़ताल की। इस संबंध में विभाग के कई अधिकारियों से सवाल जवाब किए गए। इसके बाद पड़ताल के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने केस दर्ज किया है। गौरतलब है कि यह अपनी तरह का नया मामला आया है। जब सरकारी गोदामों से गेहूं गायब हुआ है। ऐसे में विजिलेंस अब हर एंगल पर काम कर रही है। अधिकारियों की माने तो आने वाले समय में कुछ और गिरफ्तारियां तय हैं।