नागरिक अस्पताल सेक्टर-6 में लगातार बढ़ रहे खांसी, जुकाम, बुखार और संक्रमण के मरीज माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नागरिक अस्पताल में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने से इन्फ्लूएंजा की संभावना भी बढ़ गई है। डॉक्टर भी इन्फ्लूएंजा की संभावना के मद्देनजर पीड़ितों के नमूने लेने पर जोर दे रहे हैं। उचित नमूना किट उपलब्ध नहीं होने की वजह से इनकी रिपोर्ट आने में तीन दिन का समय लग रहा है। इसके अलावा डॉक्टरों को इसके लिए कई टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। उचित किट उपलब्ध नहीं होने की वजह से भी एक्स-रे वार्ड पर भी दबाव बड़ गया है। पहले जहां राेजाना करीब दो सौ एक्स-रे होते थे, अब अचानक इनकी संख्या 250 हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इनफ्लूएंजा का टेस्ट स्वाइन फ्लू के किट एच1एन1 से किए जा रहे हैं, यदि उचित किट मिल जाए तो नमूने लेने में आसानी हो और रिपोर्ट भी जल्द मिल जाए। नमूने देरी से आने के कारण मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के फ्लू ओपीडी में खांसी, बुखार, दर्द, दस्त के लक्षण वाले मरीज बढ़ गए हैं।
हरियाणा स्वास्थ्य महानिदेशक सोनिया त्रिखा खुल्लर ने बताया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) से इजाजत नहीं मिलने के कारण प्राइवेट सहित पंचकूला के सरकारी अस्पताल में टेस्ट किट उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते मरीजों की जांच एन1एच1 के माध्यम से की जा रही है। इसमें पॉजिटिव आने के बाद मरीजों को बचाव की जानकारी अस्पताल की तरफ से दी जा रही है। अस्पताल की फ्लू ओपीडी में 50 फीसदी मरीज सर्दी, खांसी-जुकाम, शरीर में दर्द और दस्त जैसे लक्षण आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के बाद अब इन्फ्लूएंजा वायरस से मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीज अस्पतालों में तेजी से बढ़ रहे हैं। सर्दी, खांसी-जुकाम के साथ बुखार, शरीर में दर्द, दस्त, उल्टी जैसे लक्षण वाले मरीज पिछले एक सप्ताह में तेजी से बढ़े हैं।
350 मरीज रोजाना आ रहे
पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अश्वनी भटनागर ने बताया कि ओपीडी में फ्लू जैसे लक्षणों के मरीज आ रहे हैं। इनमें कुछ को हल्का बुखार है तो कुछ तेज बुखार से पीड़ित हैं। अस्पताल के मेडिसिन ओपीडी में करीब 350 मरीज आ रहे हैं। बच्चों की ओपीडी में भी 400 मरीज आ रहे हैं। मरीजों को लक्षण के आधार पर दवाएं दी जा रही हैं। इमरजेंसी और मेडिसिन वार्ड में 200 मरीज भर्ती हैं। इनमें निमोनिया, फेफड़ों में संक्रमण, बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या अधिक है। हालांकि, इनमें इक्का-दुक्का मरीजों को छोड़कर अधिकतर मरीज गंभीर हालत से बाहर हैं।
किट नहीं आने से एक्स-रे के बढ़े मामले
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में अभी तक इन्फ्लूएंजा किट उपलब्ध नहीं होने के कारण एन1एच1 किट से टेस्ट किए जा रहे हैं। इसके साथ ही अस्पताल में एक्स-रे के मामले भी बढ़ गए हैं। इन्फ्लूएंजा किट उपलब्ध नहीं होने के कारण एक्स-रे भी अधिक किए जा रहे हैं। जहां रोजाना दो सौ एक्सरे हो रहे थे, वहीं अब 250 एक्सरे हो रहे हैं। इसमें अधिकतर छाती के एक्सरे शामिल हैं।
अस्पताल में उपलब्ध एच1एन1 किट से टेस्ट किया जा रहा है। इसके साथ ही मरीजों का एक्सरे भी किया जा रहा है। अभी तक इन्फ्लूएंजा टेस्ट की किट उपलब्ध नहीं है। जैसे ही स्वास्थ्य विभाग की तरफ से किट मिलेगी। उससे ही टेस्ट करेंगे। - डॉ. उमेश मोदी, पीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल, सेक्टर -6
किट से टेस्टिंग के बाद 24 घंटे में आएगी रिपोर्ट
इन्फ्लूएंजा एच3एन2 की किट से टेस्ट की रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर आएगी। इसके सैंपल एच1एन1 की तरह लिए जाएंगे। मशीन में सैंपल लगाने के बाद 24 घंटे में रिपोर्ट आ जाएगी। इसकी जांच डॉक्टर की सलाह पर की जाएगी।