दस दिन के अंदर नोटिस और सील करने की कार्रवाई को दिया गया अंजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। उद्योगों से निकलने वाला जहरीला पानी जिले की जीवन रेखा कहलाने वाली घग्गर और टांगरी नदियों के पानी को दूषित कर रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती और कार्रवाई के बावजूद भी यह प्रक्रिया थमने का नाम नहीं ले रही है। करीब पांच दिन पहले बोर्ड ने टांगरी नदी का पानी दूषित करने के मामले में कार्रवाई कर 4 स्क्रीनिंग प्लांटों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा विभिन्न कारणों से चार फैक्टरियों को सील भी किया गया है।
जिले में कुल 102 स्क्रीनिंग प्लांट हैं। इनमें से 33 प्लांट रायपुररानी ब्लॉक में हैं। इन स्क्रीनिंग प्लांटों को 90 फीसदी पानी रिसाइकिल करना होता है। मगर इन उद्योगों के संचालक जहरीले पानी को रिसाइकिल करने की जगह उसे नदियों में छोड़ देते हैं। इससे नदियों का पानी दूषित होता है। नदियों में रहने वाले जीव-जंतु भी उससे प्रभावित होते हैं। पांच दिन पहले बोर्ड की एक टीम टिब्बी माजरा गांव के पास स्थित कुछ स्क्रीनिंग प्लांटों का दौरा करने पहुंची। 8 स्क्रीनिंग प्लांटों की वहां जांच की गई। उनमें से चार प्लांटों से टांगरी नदी में पानी छोड़ने के अवशेष मिले। इस पर टीम ने सभी चार प्लांटों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। स्क्रीनिंग प्लांट संचालकों का जवाब आने के बाद मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
सभी प्लांटों पर की जाएगी रेड
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक टीम का गठन किया गया है। इसमें बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी और कष्ट निवारण समिति के दो सदस्यों को शामिल किया गया है। यह टीम जिले की सभी 102 स्क्रीनिंग प्लांटों का औचक निरीक्षण करेगी। अगर कहीं पर लापरवाही मिलती है तो वहां कार्रवाई की जाएगी। मौली गांव के पास पेस्टीसाइड बनाने वाली एक फैक्टरी का जहरीला पानी साथ लगते खेतों में छोड़ा जा रहा था। जब इसकी शिकायत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मिली तो करीब 10 दिन पहले फैक्टरी को सील कर दिया गया और 4 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। बरवाला औद्योगिक क्षेत्र में बिना मंजूरी के चल रही फार्मा की एक फैक्टरी को भी सील कर दिया गया। इसके अलावा रत्तेवाली के पास भी दो स्क्रीनिंग प्लांटों को सील किया गया।
2019-20 में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
नदियों के पानी को दूषित करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। काफी समय से यह चला आ रहा है। दिसंबर 2019 से मार्च 2020 के बीच जिले के 82 स्क्रीनिंग प्लांट सील कर दिए गए थे। उस समय लगभग सभी प्लांट बंद हो गए थे। मगर इसके बावजूद भी प्लांट संचालक इससे बाज नहीं आ रहे हैं।
10 दिन में कई जगह कार्रवाई की गई है। बरवाला औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्टरी को बंद करवाया गया है। टांगरी नदी में स्क्रीनिंग प्लांट का पानी छोड़ने के अवशेष मिलने पर टिब्बी माजरा के पास स्थित चार प्लांटों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। - वीरेंद्र सिंह पूनिया, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पंचकूला