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चीन छोड़ने वाले उद्योग पंजाब में जताएंगे भरोसा, उद्यमियों ने पेश किए सुझाव: कैप्टन अमरिंदर सिंह

Sat, 30 May 2020 12:51 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उद्योगपतियों को अगले कुछ दिनों में उद्योगों के सौ प्रतिशत खोलने में राज्य सरकार का सहयोग देने का भरोसा दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि चीन छोडने वाले उद्योग पंजाब में इकाइयां स्थापित करने में भरोसा जताएंगे। उन्होंने कहा कि इन उद्योगपतियों को आकर्षित करने में पंजाब सफल होगा।
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सूबे में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने और निवेश के संबंध मेें उनकी सरकार पहले से ही कई मुल्कों के संपर्क में है। कैप्टन अमरिंदर सिंह शुक्रवार को औद्योगिक दिग्गजों से ‘कोविड लॉकडाउन के बाद पंजाब की अर्थ व्यवस्था की बहाली के लिए कार्य योजना’ विषय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड 19 के लॉकडाउन के बाद राज्य की अर्थव्यवस्था की बहाली के लिए उद्योगपतियों के सुझावों को ध्यान रखा जा रहा है।

साथ ही उन्होंने पंजाब के विकास में उद्योगों द्वारा निभाई जा रही भूमिका और इस कठिन समय में भी आम कारोबार को बहाल करने के लिए उनके निरंतर प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने महामारी की मुश्किलों के बावजूद औद्योगिक गतिविधियां फिर से शुरू करने के लिए उद्योगपतियों का धन्यवाद किया।
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कैप्टन ने बताया कि सूबे में 78 प्रतिशत औद्योगिक गतिविधियां बहाल हो चुकी हैं और 68 प्रतिशत प्रवासी मजदूरों ने यहीं रुकने का फैसला लिया है। उन्होंने उद्योग विभाग को कारोबार को आसान बनाने और जरूरी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश दिए ताकि लॉकडाउन की बंदिशों के बीच उद्योग को फिर से पटरी पर लाया जा सके।

कामगारों को वापस लाने के लिए ट्रेनों की करेंगे व्यवस्था
उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने बताया कि बड़ी संख्या में कामगारों ने पंजाब में ही रुकने का फैसला लिया है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में उद्योगों के खुल जाने के चलते और भी बहुत से मजदूर वापस आना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों से प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए रेलगाड़ियों की व्यवस्था के उद्देश्य से राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से सिफारिश की है।
 
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औद्योगिक हस्तियों ने पेश किए सुझाव

- आरती ग्रुप के निदेशक सुशेन मित्तल : रेड जोनों के अंदर औद्योगिक गतिविधियों के चालू रखा जाए।
- मोंटे कार्लो फैशंस लिमिटेड के प्रशासनिक डायरेक्टर ऋषभ ओसवाल : निश्चित बिजली चार्जेज को खत्म किया जाए और स्थानीय निकाय के क्षेत्रों में औद्योगिक पार्क बनाने की नीति तैयार की जाए।
- हीरो ईकोटैक लिमिटेड के प्रशासनिक डायरेक्टर गौरव मुंजाल : पंजाब सरकार जीएसटी काउंसिल के सामने साइकिलों पर जीएसटी घटाकर 5 फीसदी करने का मुद्दा उठाए।

- टीटी कंसल्टेंट की कोमल शर्मा तलवार : संपत्ति बेचने के अधिकारों, मिल्कियत तबादला और संपत्ति नीलामी आदि के नियमों को सरल बनाने के लिए आईटी पार्क नीति में संशोधन किया जाए।
- नैट्स्मार्ट्ज ग्रुप के सीईओ मनीपाल धारीवाल : रोबोटिक्स केंद्रित तकनीकी उद्योगों को उत्साहित करने की जरूरत।

- मूफार्म सोशल स्टार्ट अप के संस्थापक परम सिंह : स्टार्ट अप क्षेत्र में निवेशकों के तौर पर प्रवासी भारतीयों के साथ संबंध कायम किया जाए।
- राईसेला औद्योगिक समूह के चेयरमैन डॉ. एआर शर्मा : गुजरात की तर्ज पर पंजाब में भी एग्रो उद्योग के लिए नीति बनाई जाए।

- डीसीएम के सीईओ अनिरुद्ध गुप्ता : तकनीकी उद्योगों में विशेषज्ञता, स्कूल स्तर पर कौशल विकास और संस्थानों का आधुनिकीकरण किया जाए। कॉलेजों के विद्यार्थियों को सरकारी विभागों में 3/6 महीने का प्रशिक्षण दिया जाए।
- 9 एक्स टशन और पिटारा टीवी चैनलों के प्रशासनिक डायरेक्टर संदीप बांसल : पंजाब सेंसर बोर्ड स्थापित किया जाए।

- होमलैंड राइट्स के मुख्य प्रशासनिक अफसर उमंग जिंदल : दूसरे उद्योगों की तरह रियल एस्टेट को इन्वेस्ट पंजाब में शामिल किया जाए। जून 2020 के बाद खरीद के लिए कम से कम एक साल के लिए स्टांप ड्यूटी घटाई जाए।
- पीएचडीसीसीआई के आरएस सचदेवा : औद्योगिक फोकल प्वाइंटों के लिए एसपीवी, वैट और सी-फॉम्स संबंधी अन्य मसलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
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