माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। मौसम में बदलाव के कारण सर्दी, जुकाम और वायरल का संक्रमण बढ़ा है। इसका असर सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में देखने को मिल रहा है। अस्पताल की इमरजेंसी में बदन दर्द, सर्दी, जुकाम और वायर बुखार के पीड़ित लगातार पहुंच रहे हैं। प्लेटलेट्स भी वायरल बुखार के कारण कम हो रहे हैं। इस कारण बच्चों की ओपीडी जहां तीन सौ थी, अब यह बढ़कर चार सौ हो गई है। पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में मरीजों का लोड अधिक होने के बाद एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया गया है।
बच्चों के स्पेशलिस्ट डॉ. गगन कुमार ने बताया कि वायरल इंफेक्शन बढ़ रहा है। डेंगू के अलावा अक्तूबर में मौसम में बदलाव आ रहा है। इस कारण बच्चों में ज्यादा सर्दी, जुकाम बढ़ गया है। लगातार मौसम में बदलाव के कारण पेशेंट की संख्या बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि बच्चे रोजाना कम से कम चार से छह गिलास पानी पीए। घर से निकलने से पहले नाक पर सरसों का तेल लगाएं। इससे उन्हें किसी दूसरे के छींकने या खांसने से निकलने वाले कीटाणुओं से बचने में मदद मिलेगी।
बच्चों की पानी की बोतल में थोड़ा सा ग्लूकोज और तुलसी के पत्ते डाल कर दें, ताकि वे ऊर्जावान महसूस करें और स्कूल से वापस आते ही उन्हें शहद मिलाकर गुनगुना पानी पिलाएं। स्कूल जाते समय उनके हाथों में सैनिटाइजर लगाकर भेजें। बच्चों के खाने में प्याज, हरी सब्जियां, जूस, फल शामिल करें। सेब और दही रोज जरूर खिलाएं, इससे वे जल्दी से बीमार नहीं होंगे। बच्चे जब गार्डन में जाएं तो उन्हें समझाएं कि उन जगहों के पास न खेलें जहां थोड़ा भी पानी इकट्ठा हो।
अस्पताल में आए बच्चों का चल रहा इलाज
अस्पताल में अपने बेटे का इलाज कराने आई शायरा बानों ने बताया कि वायरल नहीं जा रहा था। अस्पताल में इलाज के लिए आए हैं। टेस्ट में प्लेटलेट्स कम पाया गया। इसके बाद बच्चे को ग्लूकोज चढ़ाया गया। एमडीसी -4 से आए सुरेश कुमार ने बताया कि बेटे अर्पित का बुखार नहीं उतरने पर इलाज के लिए लेकर आए हैं। उसके प्लेटलेट्स कम थी। ग्लूकोज चढ़ाने के बाद राहत मिली है।
अस्पताल में इलाज के लिए आए बच्चों में वायरल लगातार बढ़ रहा है। इसलिए इस पर नियंत्रण पाने के लिए डॉक्टरों की टीम लगाई गई है। इसरजेंसी में फीवर क्लीनिक के साथ स्पेशलिस्ट बच्चों के तैनात किए गए है। -डॉ. जितेंदर सिंह, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6