ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सरकार की प्राथमिकता है। जिसके तहत यह सारी प्रक्रिया की जा रही है। सरकार का यह आदेश मोहाली, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला और बठिंडा अथॉरिटी से शुरू होगा। इससे अथॉरिटी को भी शक्ति मिलेगी।
पंजाब में कारोबार को आसान बनाने के लिए सरकार ने अहम कदम उठाया है। अब चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) सर्टिफिकेट्स, कंप्लीशन सर्टिफिकेट, ले-आउट और बिल्डिंग प्लान जैसी मंजूरियों के लिए लोगों को लंबा इंतजार नहीं करना होगा और दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह अधिकार पंजाब अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पुडा) की विभिन्न इकाइयों के सीए के पास रहेंगे। आवास एवं शहरी विकास मंत्री अमन अरोड़ा ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह फैसला लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा।
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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सरकार की प्राथमिकता है। जिसके तहत यह सारी प्रक्रिया की जा रही है। सरकार का यह आदेश मोहाली, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला और बठिंडा अथॉरिटी से शुरू होगा। इससे अथॉरिटी को भी शक्ति मिलेगी। क्योंकि ये मंजूरियां वह अपने स्तर पर देंगे। विभाग के प्रमुख सचिव अजोय कुमार ने कहा कि अब मुख्य प्रशासक कॉलोनियों की सारी श्रेणियों में लाइसेंस दे सकेंगे। संबंधित अथॉरिटी के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीए) के अधीन एक कमेटी रिहायशी/ औद्योगिक/ व्यापारिक कालोनी व मेगा प्रोजेक्टों को मंजूरी देगी। औद्योगिक पार्क (मौजूदा प्रोजेक्टों के विस्तार समेत) कमेटी को अधिकार दिया गया है कि वह 15 एकड़ से अधिक औद्योगिक पार्कों को छोड़कर सारे स्टैंड अलोन प्रोजेक्ट, एक एकड़ से ऊपर की सारी अलॉट की गई नीलामी वाली साइटों समेत औद्योगिक व एक एकड़ से अधिक मंजूर प्राइवेट प्रोजेक्ट के अंदरूनी हिस्से की साइटों के बिल्डिंग प्लान की मंजूरी देने के अधिकारी रहेंगे।
चीफ टाउन प्लानर पुडा के पास रहेंगी ये शक्तियां
चीफ टाउन प्लानर पुडा को शिक्षा/मेडिकल/धार्मिक/सामाजिक चैरिटेबल संस्थाओं, 15 एकड़ से अधिक के फार्म हाउस, होटल व खाने पीने वाले स्थानों समेत व्यापारिक संस्थानों की मंजूरी के अधिकार रहेंगे। सिन्हा ने कहा कि संबंधित सर्किल के सीनियर टाउन प्लान के पास रिहायशी/औद्योगिक/व्यापारिक कालोनी, मेगा प्रोजेक्ट व औद्योगिक पार्कों के मौजूदा विस्तार समेत जोन प्लान की मंजूरी देने के साथ ही बिल्डिंग प्लान की मंजूरी देने के अधिकार रहेंगे। इसमें सारे एमएसएमई जिला स्तरीय प्रोजेक्ट, उद्योगों के अलावा सारे स्टैंड अलोन प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके अलावा 15 एकड़ तक शिक्षा/चिकित्सा/धार्मिक/सामाजिक धार्मिक संस्थानों की कंपाउंडिंग, 15 एकड़ तक फार्म हाउस और 10 एकड़ तक सभी औद्योगिक भवनों की कंपाउंडिंग एकड़ के अधिकार भी शामिल रहेंगे।
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पीबीआईपी इन इमारतों को दे पाएंगे मंजूरी
सीनियर टाऊन प्लान पीबीआईपी के पास सारे अकेले राज्य स्तरीय औद्योगिक भवनों व दस एकड़ से अधिक की सारी औद्योगिक इमारतों के कंपाउडिंग की मंजूरी देने की शक्ति रहेगी। जिला टाऊन प्लान को राइस शैलर, ईंटों के भट्ठे, पेट्रोल पंप व स्टोन क्रेशर के बिल्डिंग प्लान की मंजूरी का अधिकार दिया गया है। इसके अलावा पूर्ति, आंशिक संपूर्णता, आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट देने के लिए सक्षम अथॉरिटी के पास अधिकार रहेंगे।