पंचकूला। सेक्टर-16 के अग्रवाल भवन में हरे कृष्णा समिति पंचकूला और इस्कॉन कुरुक्षेत्र की ओर से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा के पहले दिन कथावाचक साक्षी गोपाल ने श्रीमद्भागवत के महत्व बताते हुए कहा कि भागवत कथा ही भगवान श्रीकृष्ण का साहित्यिक अवतार है। भागवत जीव को भगवान के भक्तों के प्रति कोई कुविचार नहीं आना चाहिए। भगवान कहता है कि भगवान के भक्तों का सम्मान भगवान से भी अधिक होना चाहिए। भगवान को पाने के लिए मनुष्य सदैव सतकर्म करने चाहिए। कलियुग में भगवान को पाने के लिए हरि नाम का जप बेहद जरूरी है और कलियुग में केवल हरि नाम से भगवान की प्राप्ति हो जाती है। आगे कि कथा सुनाते हुए कथावाचक साक्षी गोपाल महाराज ने कहा कि यह मौलिक संसार दुखालय है। भवसागर से पार होने के लिए हरिनाम और वैष्णव जन संग का सहारा लेना ही पड़ेगा। हरिनाम संकीर्तन से प्राणी का हृदय निर्मल होने के साथ शुद्ध हो जाता है तथा मानव काम, क्रोध, मद, मोह, अंहकार से मुक्त हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि जब हम श्रद्धा और
शुद्ध मन से भगवान के असीम नाम का जप करते है तो वह भगवान स्वयं अप्रत्यक्ष रूप से प्रकट हो जाते है। कथा को श्रवण करने के लिए पूरे शहर से श्रद्धालु पहुंचे थे । कथा के बाद प्रसाद के रूप में कथा सुनने आएं श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है।