चंडीगढ़। पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा की जमानत के बावजूद हिरासत पर सोमवार को हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई और कहा कि यदि सोमवार शाम तक उनकी रिहाई नहीं हुई तो अधिकारी मुश्किल में पड़ जाएंगे। इस पर हाईकोर्ट को बताया कि सोमवार को ही साढ़े सात बजे तक उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
जीरा के भाई ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कुलबीर जीरा की गिरफ्तारी को अवैध बताया था। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को याचिका का निपटारा करते हुए कहा था कि गिरफ्तारी एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के आदेश पर की गई है और ऐसे में इसे अवैध नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने जीरा के भाई को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देने की छूट दे दी थी। शनिवार को इसी आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने याचिका पर सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।
सोमवार को सुनवाई आरंभ हुई तो हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर कैसे आईपीसी की धारा 104 और 151 के तहत बिना किसी आदेश के 24 घंटे के बाद भी जीरा को हिरासत में रखा गया। अगर आज जीरा की रिहाई नहीं हुई तो अधिकारी मुश्किल में पड़ जाएंगे। सरकार ने इस मामले में बैकफुट पर आते हुए बताया कि शाम साढ़े 7 बजे तक जीरा को रिहा कर दिया जाएगा।
यह था मामला
बीडीपीओ दफ्तर में धरना देने और काम में रुकावट डालने के आरोप में कुलबीर जीरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जीरा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट डालकर लिखा था कि वह 17 अक्तूबर को गिरफ्तारी देंगे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में उन्हें मजिस्ट्रेट से जमानत मिल गई थी। कोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद पुलिस ने केस में याची के खिलाफ एक और रिपोर्ट पेश कर दी, जिसके चलते जीरा को रिहा नहीं किया गया।