चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में अवैध अतिक्रमण हटाने के आदेश पर रोक के आदेश में बदलाव की मांग पर हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। साथ ही बार एसोसिएशन के सचिव व यूटी प्रशासन को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। याची ने अर्जी में कहा है कि यदि अभी कोर्ट दखल नहीं देगा तो परिसर बिग बाजार में बदल जाएगा। मुख्य याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट पीआर यादव ने बताया था कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में सैकड़ों की संख्या में वेंडर हैं और जिस तरफ देखो वहां वेंडर ही वेंडर नजर आते हैं। लाेगों ने बड़ी-बड़ी तंदूर लगा ली हैं और सूखे वृक्षों का प्रयोग तंदूरों को सुलगाने के लिए किया जाता है। हाईकोर्ट के कोटा की बिजली वेंडरों को सप्लाई की जाती है। हजारों वाहनों की पार्किंग के बीच गैस सिलिंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा है और यदि कोई हादसा हुआ तो इससे होने वाले नुकसान की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।
28 जुलाई, 2023 को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कोर्ट से आग्रह किया कि वेंडरों को लेकर सुनवाई पूरी होने से पहले इन पर कार्रवाई सही नहीं है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था कार्रवाई हुई तो हजारों लोग इससे प्रभावित होंगे। हाईकोर्ट ने कहा था कि रोज हजारों लोग हाईकोर्ट में आते हैं जिनमें वकील, याची, प्रतिवादी व कर्मचारी शामिल हैं। इन लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए बगैर इस प्रकार की कार्रवाई की अनुमति सही नहीं होगी।
अब इस याचिका में अर्जी दाखिल करते हुए याची ने बताया कि रोक का आदेश पास होने के बाद लगातार अवैध अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। वेंडरों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ है और अवैध तरीके से कैबिन बनाकर उन्हें चेंबरों का रूप दिया जा रहा है। यदि अभी इस अवैध अतिक्रमण को नहीं रोका गया तो हाईकोर्ट का परिसर बिग बाजार में बदल जाएगा। याची ने बताया कि नए वेंडर खाने और कानूनी कामकाज से नहीं बल्कि अन्य वस्तुओं की बिक्री कर रहे हैं।
यूटी प्रशासन ने भी वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई जवाब नहीं दिया है। पार्किंग की समस्या का समाधान करने को लेकर बार एसोसिएशन की ओर से भी कोई कदम नहीं उठाया गया है। याची पक्ष को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अर्जी पर सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
वेंडरों की इतनी बड़ी संख्या पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान याची पक्ष ने हाईकोर्ट को बताया कि सेक्टर 1 से 6 को प्रशासन नो वेंडिंग जोन घोषित कर चुका है बावजूद इसके हाईकोर्ट में वेंडरों की भरमार है। जहां प्रशासन बाकी शहर में वेंडरों पर कार्रवाई करता है वहीं हाईकोर्ट में मौजूद इन वेंडरों के प्रति आंखें मूंदी हैं। हाईकोर्ट में चाय के स्टॉल, ढाबे, फोटोस्टेट की दुकान, मेडिकल स्टोर आदि अवैध रूप से चल रहे हैं, लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।