यूटी प्रशासन ने शहर में लोकल व ट्राइसिटी रूट पर बसें चलाने की अनुमति दे दी है, लेकिन बड़ा सवाल है कि सीटीयू बसें कहां से चलाएगा, क्योंकि सेक्टर-17 के बस स्टैंड पर सेक्टर-26 की होलसेल सब्जी मंडी चल रही है और सेक्टर-43 के बस स्टैंड से प्रवासी मजदूरों की स्क्रीनिंग और उन्हें घर भेजने का काम चल रहा है।
ऐसे में घोषणा के बावजूद सीटीयू के लिए बसें चलाना आसान नहीं रहने वाला है। इस संबंध में सीटीयू के डायरेक्टर उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि मंगलवार को कोई बस नहीं चलेगी क्योंकि अभी व्यवस्था तैयार करने में कुछ समय लगेगा।
जानकारी के अनुसार, बुधवार और वीरवार को प्रवासी मजदूरों के लिए चंडीगढ़ से कोई ट्रेन नहीं जाएगी, इसकी वजह से आईएसबीटी-43 खाली रहेगा। इस दौरान बुधवार से आईएसबीटी-43 से बसों को चलाया जाएगा। इस दौरान प्रवासी मजदूरों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था के लिए नए जगह की व्यवस्था भी कर ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने आदेश पर विभाग बसें चलाने के लिए तैयार हैं। अभी शहर में सिर्फ 200 नॉन-एसी बसें ही चलाई जाएंगी। यात्रियों की संख्या को देखने के बाद बसों को बढ़ाने व घटाने पर विचार किया जाएगा। उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि शहर में अभी कम बसें ही चलाई जाएंगी, इसलिए कोई समस्या नहीं आएगी।
फिजिकल कांटेक्ट कम हो इसलिए तय हुआ 20 रुपये का टिकट
गुप्ता ने कहा कि किराए के लिए सिर्फ एक ही दाम रखा गया है ताकि खुदरा पैसों का लेन-देन न हो। इससे फिजिकल कांटेक्ट कम से कम होगा। कोरोना वायरस का संक्रमण न फैले इसको देखते हुए ही यह फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि बसें ट्राइसिटी में चलाई जाएंगी, इसके लिए पड़ोसी राज्यों से बातचीत चल रही है। साथ ही बसों में यात्रियों की संख्या भी 50 फीसदी ही होगी, जिसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा।
हालांकि अधिकारियों का तर्क कुछ भी हो शहरवासियों को समस्या आ सकती है क्योंकि किस आधार पर रूट तय किये जाएंगे, यह भी साफ नहीं है। सेक्टर-17 बस स्टैंड यात्रियों के लिए सबसे सुविधाजनक है क्योंकि यह शहर के बीचों बीच पड़ता है लेकिन यह अभी बंद रहेगा। पीजीआई, जीएमएसएच-16 आईएसबीटी-17 से पास पड़ता है जबकि आईएसबीटी-43 शहर के दूसरे कोने में हैं।