हरियाणा का आदमपुर उपचुनाव कांग्रेस के साथ ही नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए चुनौती बनता जा रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार जेपी (जयप्रकाश) की मुश्किलें विरोधियों के साथ-साथ हुड्डा के करीबी भी बढ़ा रहे हैं। टिकट न मिलने से नाराज वरिष्ठ कांग्रेसी बीर सिंह दलाल ने मंगलवार को औपचारिक तौर पर कांग्रेस के विरोध का बिगुल बजा दिया। उन्होंने समर्थकों और कार्यकर्ताओं की पंचायत कर जेपी को वोट न देने की अपील की।
18 साल से हुड्डा का साथ देते आ रहे दलाल ने इस बार के उपचुनाव में बगावती तेवर अख्तियार किए हैं। वह आदमपुर हलके के ही कांग्रेस नेता को टिकट देने की मांग कर रहे थे लेकिन न तो उन्हें टिकट मिली न ही किसी और स्थानीय नेता हासिल कर पाया। इससे खफा होकर कुरड़ा राम इनेलो में चले गए और अब बीर सिंह दलाल जेपी का खुला विरोध करेंगे। सूत्रों के अनुसार दलाल समर्थक आप के साथ जा सकते हैं। आप के बड़े नेताओं ने उनसे संपर्क भी बनाया हुआ है।
हालांकि, कुरड़ा राम और इनेलो के वरिष्ठ नेता भी उनसे समर्थन मांग रहे हैं। मंगलवार को हुई पंचायत में दलाल ने कांग्रेस प्रत्याशी का विरोध करने के साथ ही शक्ति प्रदर्शन भी किया। उन्होंने हलके के अधिकांश गांवों से 36 बिरादरी के लोग जुटाए थे, जो कांग्रेस के लिए चिंता का सबब हो सकता है।
बीर सिंह दलाल ने कहा कि वह हर विधानसभा चुनाव में हुड्डा का आदेश मानते आए। उन्हें इस बार टिकट की पूरी उम्मीद थी। भूपेंद्र हुड्डा ने पहले संपत सिंह, जेपी का साथ देने के लिए कहा और उन्होंने दिया। 2014 में आदमपुर हलके की टिकट पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के खाते में जाने की बात कही, तब भी वह शांत रहे।
2016 में कुलदीप बिश्नोई के कांग्रेस में आने से 2019 में फिर उन्हें मौका नहीं मिला। अब कुलदीप के भाजपा में जाने से उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी सही प्रत्याशी चुनेगी, लेकिन इस बार भी अनदेखी की गई। दलाल ने कहा कि जेपी ने पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल, पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला, पूर्व मुख्यमंत्री चौ बंसीलाल व पूर्व सांसद सुरेद्र सिंह तक से विश्वासघात किया है। समय आने पर वह हुड्डा का भी साथ छोड़ देंगे।