इसके बाद ही यह धरातल पर लागू हो पाएगा। 11 मई 2020 को गजट में हरियाणा राजभाषा (संशोधन) कानून, 2020 अधिसूचित किया गया था। इसे मार्च 2020 में हरियाणा विधानसभा ने पारित किया। 31 मार्च 2020 को तत्कालीन राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कानून को मंजूरी दे दी।
कानून लागू होने से क्या होगा
सरकार ने हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 में नई धारा 3-ए जोड़ी है। इसके लागू होने पर प्रदेश के सभी सिविल (दीवानी) और आपराधिक (दंड), राजस्व अदालतों, ट्रिब्यूनल में सारे अधिकारिक कामकाज में हिंदी भाषा का इस्तेमाल अनिवार्य हो जाएगा।
वकील विरोध कर चुके
हेमंत ने बताया कि प्रदेश में वकीलों का एक वर्ग जिला एवं अधीनस्थ अदालतों में हिंदी भाषा के इस्तेमाल संबंधी कानून बनने से सहज नहीं है। वह इसका पुरजोर विरोध कर चुका है। सुप्रीम कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती भी दी गई लेकिन स्टे नहीं मिला।
आठ जून 2020 को भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश शरद बोबडे ने याचिका पर सुनवाई के दौरान मौखिक तौर पर टिप्पणी की थी कि अदालतों में हिंदी भाषा लागू करने में किसी को एतराज नहीं होना चाहिए। हमारे देश में अधिकांश लोग अंग्रेजी भाषा में सहज नहीं है।
रिपोर्ट मंगवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी: अग्रवाल
भाषा विभाग के प्रधान सचिव अनुराग अग्रवाल ने कहा कि कानून लागू करने की अधिसूचना विभागीय स्तर पर जारी क्यों नहीं हुई, इसके बारे में निदेशालय से रिपोर्ट मांगेंगे। रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।