चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की सिफारिश के बावजूद नियुक्ति न देने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को नियुक्ति देने के साथ ही पिछले दो वर्ष का वेतन जारी करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए प्रमोद चिकारा व अन्य ने एडवोकेट मजलिज खान के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए कांस्टेबल के तौर पर नियुक्ति न देने के फैसले को चुनौती दी थी। याचिका में बताया गया कि याचिकाकर्ताओं ने 2015 में निकाली गई कांस्टेबल भर्ती में भाग लिया था। इसके बाद लिखित परीक्षा व अन्य मानकों पर खरा उतरने के बाद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने डीजीपी को जारी पत्र में याचिकाकर्ताओं को नियुक्ति देने की सिफारिश की थी। इस सिफारिश के बावजूद याचिकाकर्ताओं को नियुक्ति नहीं दी गई।
इसके खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
हाईकोर्ट ने उस याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ताओं के मांगपत्र पर निर्णय लेने का हरियाणा सरकार को आदेश दिया था। हरियाणा सरकार ने 2021 में याचिकाकर्ताओं के दावे को रद्द कर दिया था। अब दोबारा याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए हरियाणा सरकार को याचिकाकर्ताओं को दो माह में नियुक्ति पत्र और वेतन व अन्य लाभ जारी करने का आदेश दिया है।