चंडीगढ़। श्री हरिमंदिर साहिब में जज के सिक्योरिटी गार्ड से हथियार छीनकर आत्महत्या के मामले की जांच जल्द पूरी करने का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आईपीएस मनीषा चौधरी को आदेश दिया है। साथ ही घटना को सुरक्षा से समझौता मानते हुए हाईकोर्ट ने जस्टिस एनएस शेखावत की सुरक्षा में सीआरपीएफ के चार जवान 24 घंटे तैनात करने का आदेश दिया है। जस्टिस एनएस शेखावत कुछ दिन पहले माथा टेकने के लिए श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे थे और इस दौरान उनकी सुरक्षा में मौजूद लोग भी वहां मौजूद थे। एएसआई अश्विनी एस्कॉर्ट वाहन के साथ ही मौजूद थे। अचानक एक व्यक्ति आया और उसने एएसआई की पिस्तौल छीन ली। कोई कुछ समय पाता इससे पहले उसने खुद को गोली मार ली। आनन-फानन में सिक्योरिटी में मौजूद लोगों ने जज को सुरक्षित किया।
हाईकोर्ट ने इसे सुरक्षा में चूक का मामला माना था और जज की सुरक्षा से पंजाब पुलिस को हटाने का आदेश दिया था। इस आदेश से पंजाब सरकार की इतनी बदनामी हुई कि सरकार को अर्जी दाखिल करते हुए आदेश से यह हिस्सा हटाने का निवेदन करना पड़ा। हाईकोर्ट ने इस पूरे प्रकरण की जांच से भी पंजाब पुलिस को हटा दिया और हरियाणा की आईपीएस मनीषा चौधरी को इस केस की जांच का जिम्मा सौंप दिया था।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जांच की धीमी गति पर सवाल उठाए और जल्द से जल्द जांच पूरी करने का आदेश दिया है। जस्टिस शेखावत की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए। जस्टिस शेखावत को सीआरपीएफ के 4 जवानों की सुरक्षा दी जाए। इन जवानों की 24 घंटे मौजूदगी को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।