चंडीगढ़। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) को मोहाली के मुल्लांपुर में बने महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच आयोजित करने से रोकने की मांग करने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फिलहाल किसी भी राहत से इन्कार कर दिया है। पीसीए कुछ नए दस्तावेजों के साथ सुनवाई के दौरान मौजूद रही, इन्हें रिकार्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर बहस तय की है। पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज में कानून पाठ्यक्रम में अंतिम वर्ष के छात्र, आरटीआई कार्यकर्ता व पर्यावरण प्रेमी निखिल थम्मन ने एडवोकेट सुनैना के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट के समक्ष स्टेडियम के निर्माण में अनियमितता का मामला रखा था। याचिका में कहा गया कि स्टेडियम का निर्माण अनधिकृत है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी 2006 के पर्यावरण प्रभाव आकलन की अधिसूचना का पूरी तरह से उल्लंघन है। स्टेडियम ने राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अनिवार्य मंजूरी भी नहीं ली है।
याची ने बताया कि यह स्टेडियम पक्षी अभयारण्य के 10 किलोमीटर के दायरे में आता है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की है कि बीसीसीआई और पीसीए को आईपीएल 2024 मैचों की इस मैदान में मेजबानी करने से रोकने व यहां होने वाले मैचों के टिकट की बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की है।