माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक नगर निगम के साथ फॉगिंग का शेड्यूल नहीं बनाया है। इस कारण डेंगू का खतरा मंडरा रहा है। पंचकूला में डेंगू के दो मामले सामने आए हैं। विभाग की तरफ से जागरूकता अभियान तो तेज किया गया है, लेकिन हाईरिस्क जोन में दवाई के छिड़काव का पहले कोई प्रपोजल नहीं बनाया गया है। पंचकूला सर्विलांस ऑफिसर डॉ. सुरेश भोसले ने बताया कि दो केस सामने आए हैं। इसमें प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने वाले व्यक्ति आए थे। उन्हें अन्य बीमारी के साथ डेंगू की पुष्टि मई में हुई है। एक युवती के बुखार का इलाज किया गया। इस दौरान उसमें डेंगू की पुष्टि हुई थी।
उसमें ट्रैवल हिस्ट्री का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हाईरिस्क जोन में जागरूकता अभियान चलाया गया है। इनको 80 ब्रीडर चेकर दिए जाने हैं। आचार संहिता हटने के बाद यह प्रपोजल पास कर दिया गया है, लेकिन फॉगिंग का शेड्यूल अभी तक जारी नहीं किया गया है। इस कारण निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसे लेकर बैठक नहीं हुई है। इसमें हाईरिस्क जोन में छिड़काव नहीं हुआ है। पंचकूला की सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक करने के लिए गतिविधियां की जा रही हैं। जल्द ही बैठक कर फॉगिंग का शेड्यूल जारी किया जाएगा।