माई सिटी रिपोर्टरपंचकूला। लिखते और बोलते समय हाथ कंपकंपाते हैं, पैर डगमगाते हैं। इसके बावजूद हौसले और कठिन परिश्रम की बदौलत यूपीएससी में 920वां रैंक हासिल कर लिया। यह कारनामा ढकोली निवासी रिताशा सोबती ने कर दिखाया है। वह अपने जैसी तमाम युवक और युवतियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना चाहती हैं। वह मूल रूप से हरियाणा कालका की रहने वाली हैं। रिताशा सोबती ने बताया कि पिंजौर के डीपीएस स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की है। उसके बाद एनआईटी कुरुक्षेत्र से बीटेक किया। रिताशा चाहती हैं कि उनकी पहली पोस्टिंग हरियाणा में मिले। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश भी उन्हें पसंद है। नेचर से बहुत लगाव है। वह हिमाचल प्रदेश में भी काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। रिताशा को खाली समय में हॉरर और कॉमेडी फिल्में देखने का शौक है।
माता पिता से मिली प्रेरणा
रिताशा सोबती ने बताया कि यूपीएससी परीक्षा के प्रति उनके माता-पिता ने प्रेरित किया। स्कूली शिक्षा के दौरान ही टारगेट तय कर लिया था, कि आईएएस बनना है। पहले प्रयास में ही परीक्षा में सफलता मिल गई। रिताशा ने बताया कि उनकी मां रीतिका सोबती चंडीकोटला के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल में साइंस की शिक्षिका हैं। उनके पिता राकेश सोबती एक निजी कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर तैनात हैं। रिताशा का छोटा भाई करण फ्लाइंग अधिकारी है।