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एच3 एन2 इन्फ्लूएंजा : फ्लू ओपीडी शुरू, 100 बेड का वार्ड बनाने की तैयारी

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माई सिटी रिपोर्टर पंचकूला। खांसी, जुकाम और बुखार के बढ़ते मरीजों की संख्या और एच3 एन2 इन्फ्लूएंजा की संभावना के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। नागरिक अस्पताल सेक्टर-6 के आपातकालीन कक्ष में फ्लू ओपीडी शुरू कर दी गई है। यहां पर सर्दी खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की जांच की जा रही है। दो हफ्ते में विभाग ने इन्फ्लूएंजा के संक्रमण की संभावना के मद्देनजर 30 नमूनों की जांच की है। डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण बढ़ने से इन्कार नहीं किया जा सकता। इसलिए अस्पताल में 100 बेड का अलग से वार्ड बनाए जाने की तैयारी भी की जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में अस्पताल में ओपीडी अचानक बढ़ गई है। पहले यह संख्या करीब 3200 के आसपास थी जो बढ़कर 3700 के आसपास पहुंच गई है। यह बीमारी बच्चों और बुजुुर्गों पर जल्दी असर दिखा रही है। इसमें खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज अधिक हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। बचाव करके संक्रमण से बचा जा सकता है। टेस्ट की संख्या भी बढ़ा दी गई है। इसकी रिपोर्ट छह से आठ घंटे में आ रही है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने रायपुररानी, मोरनी, पिंजौर, कालका और पिंजौर में इस संक्रमण से बचने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है।
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ओपीडी में बढ़ी मरीजों की संख्या
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल की ओपीडी में मौसम बदलने के साथ पीडियाट्रिक और एमडी मेडिसिन की ओपीडी में भीड़ अधिक हो गई है। बच्चों में होने वाली खांसी, जुकाम 20 दिन तक ठीक नहीं हो रहा है। पहले यह बीमारी सात दिन में ठीक हो जाती थी। कोरोना के बाद अब लोग 20 दिन बाद ठीक हो रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार सबसे ज्यादा 40 की उम्र से अधिक के लोगों को ब्लड प्रेशर और सांस की समस्या अधिक हो रही है।

सांस की दिक्कत होने पर अस्पताल आए
सांस लेने की समस्या पर अस्पताल आया हूं। इन्फ्लूएंजा का टेस्ट हुआ है। रिपोर्ट निगेटिव आई है। डॉक्टरों ने ब्लड प्रेशर और सांस की दवा देकर छुट्टी दे दी है। - मनोज कुमार, मरीज
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जुकाम नहीं ठीक होने पर इलाज कराने आए
दस दिन से जुकाम ठीक नहीं होने पर इलाज कराने आया हूं। डॉक्टर ने दवा देने के साथ मास्क लगाने की सलाह दी है। सभी टेस्ट करवाए थे। रिपोर्ट नार्मल आई है। -मोहम्मद शारीक, मरीज

यह करें बचाव
सिविल अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉ. अश्वनी भटनागर ने बताया कि मौसम बदलने के साथ लोगों को एलर्जी हो रही है। एलर्जी से बचाव के लिए लोगों को मास्क लगाना चाहिए। इसके अलावा खाने-पीने में बीमारी के दौरान तला हुआ नहीं खाना चाहिए। बाहर की चीजें खाने से बचें। बुखार आने पर दवा बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।


एन3 एन2 इन्फ्लूएंजा से प्रदेश में अभी एक मौत हुई है। एहतियातन डॉक्टरों की सलाह पर यह टेस्ट सभी सिविल अस्पतालों में करवाए जा रहे हैं। मौसम बदलने पर यह फ्लू बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा प्रभावित कर रहा है। इससे बचाव के लिए लोगों को जागरूक होना चाहिए जिससे कि वह इससे बच सकें। -सोनिया त्रिखा खुल्लर, महानिदेशक, हरियाणा स्वास्थ्य विभाग

सिविल अस्पताल में अभी तक एक भी मामला सामने नहीं आया है। इमरजेंसी वार्ड में स्पेशल फ्लू ओपीडी शुरू कर दी गई है। मरीजों की हालात को देखकर ओपीडी के डॉक्टरों के निर्देश पर इन्फ्लूएंजा के टेस्ट शुरू कर दिए गए हैं। -डॉ. उमेश मोदी, पीएमओ, सेक्टर-6 सिविल अस्पताल
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