चंडीगढ़। पंजाब के विभिन्न सरकारी विभागों में एससी-एसटी के फर्जी सर्टिफिकेटों के जरिये नौकरी कर रहे लोगों के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई तेज कर दी गई है। हाल ही में कई विभागों के कर्मचारियों के सर्टिफिकेट फर्जी पाए जाने के बाद सरकार ने उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता तो दिखाया ही है, उनके खिलाफ पुलिस केस भी दर्ज किए गए हैं। इसी कड़ी में अब राज्य सरकार ने सभी विभागों को एक बार फिर से पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि वह अपने अधिकारियों-कर्मचारियों के दस्तावेजों की क्राॅस चेकिंग करके एक महीने में जांच रिपोर्ट सरकार को भेजें।
स्थानीय निकाय विभाग को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जिन कर्मचारियों के खिलाफ फर्जी सर्टिफिकेटों संबंधी शिकायतें मिली हैं, उनके दस्तावेजों की क्राॅस चेकिंग जल्द पूरी की जाए। राज्य सरकार ने सभी नगर निगम कमिश्नरों, नगर सुधार ट्रस्टों, म्युनिसिपल कमेटियों को भी इसी तरह के निर्देश जारी किए हैं।
गौरतलब है कि पंजाब एससी-एसटी संगठन की ओर से यह शिकायत राज्य सरकार से की गई थी कि कई लोग फर्जी एससी-एसटी सर्टिफिकेटों के सहारे सरकारी नौकरी पाने में सफल हो गए हैं और नौकरी में बने हुए हैं। संगठन ने 3500 लोगों की सूची सरकार को सौंपते हुए जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने विभाग के अधिकारियों को शिकायतों के बारे में जिलेवार जांच का जिम्मा सौंपा था।
करीब 1300 शिकायतों की जांच शुरू की गई है कि कर्मचारियों के सर्टिफिकेटों की क्राॅस चेकिंग की जा रही है। विभाग के विजिलेंस विंग को भी इस काम में जोड़ा गया है और अब तक 20 से अधिक कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।