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फर्जीवाड़ा : ड्राइंग विभाग का कंप्यूटर ऑपरेटर नजदीकी ठेकेदारों को अलॉट करता है करोड़ों का टेंडर, जांच शुरू

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ऑपरेटर पर 45 टेंडरों को रद्द कर 10 फीसदी कमिशन के चक्कर में नजदीकी ठेकेदारों को टेंडर अलॉट करने का है आरोप
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शिकायत मिलने के बाद हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के डिविजन-टू के एक्सईएन ने शुरू की जांच
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के डिवीजन टू में करोडों के फर्जी टेंडर मैनेज करने का मामला संज्ञान में आया है। विभाग के ड्राइंग ब्रांच के कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा बड़े टेंडरों में 10 फीसदी कमीशन लेकर करीब 45 टेंडरों को रद्द कर अपने नजदीकी ठेकेदारों को टेंडर अलॉट करवाया गया है। इसकी शिकायत एचएसवीपी के मुख्यमंत्री शिकायत पटल, विभाग के मुख्य प्रशासक, मुख्य अभियंता को अभयपुर निवासी कुणाल कुमार ने 7 नवंबर को भेजी थी। शिकायत में इसकी जांच वरिष्ठ अधिकारियों से कराने की मांग की गई थी। पहले शिकायत के बाद कुणाल ने 15 नवंबर, 17 नवंबर व 20 नवंबर 2023 को तीन रिमांइडर भी भेजे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। शिकायत में कहा गया है कि अपने नजदीकी ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर का आखिरी दिन तक खेल चलता है। प्रोजेक्ट के लिए कितनी भी पार्टियां आएं, आखिरी दिन तक टेंडर पेंडिंग रखे जाते हैं। कुछ छोटे टेंडरों में 10 से 20 हजार और बड़े टेंडरों में 10 फीसदी पैसा लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर अपने चहेते ठेकेदारों को काम अलॉट कर देता है। जिन्होंने कमीशन नहीं दिया, उनका टेंडर रिजेक्ट कर दिया जाता है।


आईएएस अधिकारी से जांच कराने की मांग
कुणाल ने अपनी शिकायत में बताया है कि अधिकतर ठेकेदार काम नहीं करते, दो चार महीने बाद फर्जी बिल तैयार करवाकर सारी राशि सब लोगों में बराबर बंटता है। कुणाल ने मामले की जांच विभाग के किसी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से कराने की मांग की है। एक साल में कितने टेंडर निकाले गए। कितने टेंडर अलॉट किए और कितने रद्द किए हैं। वहीं रद्द किए टेंडरों का कारण स्पष्ट करने की मांग भी की है। इसके अलावा ढाई माह के अंदर जो टेंडर अलॉट किए गए हैं, उनकी जांच कर रद्द करने के बाद टेंडर रिकॉल करने की मांग की गई है। इसके अलावा मैनेज टेंडर जिनको दिया गया है, उनको ब्लैक लिस्ट करने की मांग की गई है।
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के डिवीजन-टू में करोड़ों के फर्जी टेंडर मैनेज करने का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कर रहा हूं। कमी पाए जाने पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - एनके पायल, एक्सईएन डिविजन-टू एचएसवीपी पंचकूला।
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