किसान और उसकी पत्नी की हत्या के बाद दो मौसेरी बहनों के साथ गैंगरेप किया गया
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। मेवात जिले के डिंगरहेडी गांव के एक किसान और उसकी पत्नी की पीट-पीटकर हत्या और दो मौसेरी बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में चार आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है। इसमें आरोपी विनय, जय भगवान, हेमंत चौहान और अयान चौहान को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है। इन चारों दोषियों को सीबीआई की अदालत में 15 अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी। वरिष्ठ एडवोकेट एसपीएस परमार और एडवोकेट अभिषेक सिंह राणा ने बताया कि छह आरोपी तेजपाल यादव, अमित यादव, रविंदर यादव, करमजीत, राहुल वर्मा और संदीप को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। सीबीआई कोर्ट ने कहा कि इन छह आरोपियों के खिलाफ सीबीआई ठोस सबूत नहीं पेश कर सकी। इस कारण इन्हें बरी किया जा रहा है।
दायर मामले के अनुसार बीते 24 और 25 अगस्त 2016 की रात बदमाशों ने दोहरे हत्याकांड सहित एक नाबालिग सहित दो युवतियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले में कथित तौर पर दूसरे समुदाय के आरोपियों ने दो युवतियों के साथ गैंगरेप के अलावा दंपती की हत्या कर परिवार के पांच लोगों को घायल कर दिया था। वरिष्ठ एडवोकेट अभिषेक सिंह राणा ने बताया कि इस वारदात को बावरिया गैंग ने अंजाम दिया था। दोषी करार दिए गए यह सभी इस गैंग से जुड़े सदस्य थे।
पुलिस और सीबीआई ने तीन बार दायर की चार्जशीट
इस मामले में पहले जांच करते हुए हरियाणा पुलिस की ओर से 21 नवंबर 2016 को चार्जशीट दायर की गई थी। इसमें चार लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में जांच सीबीआई को दी गई। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने इस मामले की जांच करते हुए 24 जनवरी 2018 को चार्जशीट दायर की थी। इस मामले में सीबीआई ने फिर से जांच कर 29 नवंबर 2019 को सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की थी। इसमें तीन लोगों को आरोपी बनाया गया था।
सीबीआई ने 12 लोगों को बनाया था आरोपी
मेवात हत्या और दुष्कर्म मामले में आरोपी विनय उर्फ लंबू, जयभगवान, हेमंत चौहान और अयान चौहान को जिला अदालत ने दोषी करार दिया। वहीं तेजपाल, अमित, रविंदर, करमजीत, संदीप और राहुल वर्मा को सीबीआई कोर्ट ने बरी किया है। वहीं एक आरोपी अमरजीत पैरोल पर आने के बाद फरार हो गया था, जिसकी गिरफ्तारी अभी बाकी है। आईपीसी की धारा 376 डी, 302, 325, 326, 397, 459, 460 और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया गया है। इस मामले में 12वां आरोपी हंसराज बनाया गया था। जब उसे सीबीआई ने तलब किया तो उसने आत्महत्या कर ली थी।
कुल्हाड़ी गैंग का था हाथ
कथित तौर पर 'कुल्हाड़ी गैंग' के आरोपियों ने दो युवतियों के साथ गैंगरेप के अलावा दंपती की हत्या कर परिवार के पांच लोगों को घायल कर खून से लथपथ वहीं छोड़कर भाग गए थे। बचाव पक्ष के वकील एस पी एस परमार और अभिषेक राणा ने ये जानकारी दी। सीबीआई द्वारा इस मामले में गहनता से जांच के बाद 12 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया था।