1991 के बलवंत सिंह अपहरण मामले में आरोपी पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी द्वारा सीबीआई या किसी अन्य जांच एजेंसी से जांच की मांग से जुड़ी याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने पूछा है कि यह याचिका कैसे वैध है।
सैनी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस मामले की जांच सीबीआई या राज्य के बाहर की किसी अन्य एजेंसी से कराने की मांग की है। सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिका पर सवाल उठाते हुए सैनी से पूछा कि पहले वह बताएं कि कैसे यह याचिका सुनवाई योग्य है, उसके बाद ही आगे कार्यवाही की जाएगी।
न्यायालय ने कहा था कि याचिका अनुच्छेद-226/227 के तहत दायर की गई है, ऐसे में कैसे इस अनुच्छेद के तहत याचिका दायर कर यह मांग की जा सकती है। यह एक आपराधिक केस की जांच का मामला है, न कि सिविल का। ऐसे में पहले याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं, इस पर गौर किया जाएगा, उसके बाद ही आगे कार्यवाही होगी।
पंजाब सरकार ने कहा, सीबीआई नहीं दे रही दस्तावेज
इस पूरे मामले में पंजाब सरकार की ओर से नियुक्त विशेष सरकारी वकील सरतेज सिंह नरूला ने भी न्यायालय में अर्जी दायर कर सीबीआई से इस मामले से जुड़े दस्तावेज एसआईटी को सौंपने के निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में दो पुलिस कर्मी जगीर सिंह और कुलदीप सिंह ने कई खुलासे कर दिए हैं।
इस मामले में अब धारा-302 लगाई गई है। सैनी के खिलाफ अपहरण और हत्या के मामले को लेकर सीबीआई के पास जो दस्तावेज हैं, उसने अभी तक नहीं सौंपे हैं। उन्हें ये दस्तावेज दिलवाए जाएं ताकि आगे जांच की जा सके।
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