चंडीगढ़। 2017 के पंजाब विधान सभा चुनाव प्रचार के दौरान मौड़ मंडी में हुए बम धमाके को पांच साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस बारे में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से अभी तक की जांच व कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट तलब कर ली है। गुरजीत सिंह पातड़ां ने एडवोकेट मोहिंदर जोशी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया था कि इस घटना के बाद उन्होंने ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी का गठन कर जांच शुरू की गई। एसआईटी की ओर से कार्रवाई नहीं करने पर हाईकोर्ट ने 2019 में सरकार को नए सिरे से एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था। सितंबर 2020 में हाईकोर्ट ने एसआईटी को दो सप्ताह में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। 2 साल बाद भी आदेश का पालन नहीं हुआ। इसके बाद से ही लगातार सुनवाई हो रही है, लेकिन पुलिस अब तक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। हाईकोर्ट को बताया गया कि इस मामले के तार डेरा से जुड़े हैं, क्योंकि हमले में इस्तेमाल कार वहीं तैयार की गई थी। इस मामले में याची ने एनआईए से जांच करवाने की मांग की थी। तब पंजाब सरकार ने कोर्ट को विश्वास दिलाया था कि जांच जल्द पूरी होगी और हाईकोर्ट ने एनआईए को जांच नहीं सौंपी थी। अब हाईकोर्ट ने पुलिस से अब तक की जांच और कार्रवाई से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट तलब कर ली है।