पंचकूला। स्वावलंबी भारत अभियान उत्तर भारत के समन्वयक डाॅ. राजेश गोयल का कहना है कि स्वदेशी आंदोलन केवल ब्रिटिश साम्राज्य से राजनीतिक आजादी हासिल करने के लिए नहीं था। भारत ने स्वतंत्रता संग्राम में इस आंदोलन से आर्थिक सम्मान, सांस्कृतिक पहचान और सभ्यतागत संप्रभुता का दावा भी किया था। सेक्टर-16 के अग्रवाल भवन में वीरवार को स्वदेशी जागरण मंच ने पंचकूला जिला में चलाए जा रहे स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबी भारत अभियान कार्यक्रम के बारे जानकारी दी गई। एक महीने में देशभर के 100 से अधिक स्थानों पर पांच हजार से अधिक नागरिकों ने स्वदेशी अपनाने का संकल्प लिया है।