पंचकूला। विधानसभा चुनाव में पांच प्रत्याशियों पर नोटा भारी पड़ा। इन उम्मीदवारों से ज्यादा नोटा को 984 वोट मिले। जिन प्रत्याशियों को नोटा से कम मत मिले उनमें सरोज बाला को 150, एमपी शर्मा 305, नताशा सूद 233, भारत भूषण गुर्जर 58, किशन सिंह नेगी को 110 वोट शामिल हैं। दरअसल नोटा को लागू करने के पीछे की मंशा यह थी कि यदि कोई मतदाता चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे उम्मीदवार से संतुष्ट नहीं हैं, तो वे नोटा का बटन दबा सकते हैं। इसे केवल वोटरों की नाराजगी से जोड़ा गया था। नोटा के मत गिने तो गए थे, लेकिन उन्हें रद्द मतों की ही श्रेणी में रखा गया था।