पिंजौर। पंचकूला-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर बद्दी की तरफ जाते समय बुधवार को एक कैंटर में अचानक आग लग गई। एचएमटी आवासीय परिसर के समीप अचानक लगी आग से कैंटर का केबिन लपटों में घिर गया। आग से केबिन में रखे गाड़ी के कागजात, बीस हजार रुपये नकद और अन्य सामान जलकर राख हो गए। कैंटर के इंजन से निकल रहे धुएं को देखने के लिए ड्राइवर जैसे ही नीचे उतरा तो इंजन से आग की लपटें निकलने लगी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। कैंटर में रखे दो सीएनजी के सिलिंडरों को फटने से बचा लिया गया। किसी अनहोनी से बचने के लिए इस मार्ग पर आवागमन कुछ समय के लिए रोक दिया गया।
पीसीआर इंचार्ज जगदीश ने बताया कि बद्दी की तरफ जाते समय एक कैंटर में आग लग गई थी। किसी बड़ी अनहोनी से बचने के लिए पिंजौर-शिमला की तरफ जा रहे वाहनों को दोनों तरफ रोक दिया गया था। दमकल विभाग की टीम ने कैंटर के इंजन में लगी आग पर काबू पाया। कैंटर में आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। कैंटर चालक ने बताया कि वह फरीदाबाद से बद्दी, नालागढ़ की तरफ जा रहा था।
जब वह एचएमटी के समीप पहुंचा तो कैंटन के इंजन से धुआं निकल रहा था। जैसे ही वह नीचे उतरा इंजन से आग की लपटें उठने लगी। देखते ही देखते आग केबिन तक पहुंच गई। चालक ने बताया कि कैंटर में गत्ता मिल का पाउडर था, जिसे बद्दी नालागढ़ मिल में पहुंचाना था। कैंटर करीब आठ माह पहले ही खरीदा था। आग लगने की वजह से कैंटर का इंजन, केबिन जल गया। चालक ने बताया कि कैंटर की पिछली बॉडी तक आग पहुंचने से पहले ही बुझा दी गई थी।
घटना के दौरान पंचकूला-शिमला मार्ग पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। मौके पर आग बुझाने पहुंचे सुरेंदर कुमार लीडिंग फायर मैन ने बताया कि कैंटर में आग लगने के कारणों को अभी तक पता नहीं चला है। कैंटर में सीएनजी के दो सिलेंडर फिट थे। यदि पूरे कैंटर में आग पहुंच जाती तो हीट बढ़ने से सिलेंडर फटने की संभावना थी।