संवाद न्यूज एजेंसीरायपुररानी। क्षेत्र में लोग संरक्षित पशुओं की समस्या से परेशान हैं। कस्बे के सार्वजनिक स्थानों, चौराहों, सड़कों और गलियों में पशु झुंडों में घूमते हैं। इससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। दूसरी तरफ पशु खेतों में फसलों को भी नुकसान कर देते हैं। एक तो पहले ही किसान मौसमी आपदा से परेशान है, दूसरी तरफ संरक्षित पशुओं ने उसकी समस्या दोगुनी कर दी है। कस्बे और क्षेत्र के लोग कई बार सरकार के प्रतिनिधियों का प्रशासनिक अधिकारियों से इस समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का कोई हल नहीं हो पाया है।
कस्बे के बस स्टैंड, सड़कों, सब्जी मंडी, गलियों व सार्वजनिक स्थानों पर झुंडों में घूम रहे संरक्षित पशु सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। सरकार और प्रशासन को लोगों की इस गंभीर समस्या से निजात दिलानी चाहिए। - हैप्पी, कस्बावासी
रायपुररानी, गढ़ी कोटाहा, बडोना कला खेड़ी, प्यारेवाला, शाहपुर, मानकटाबरा व मौली तक कई जगह नेशनल हाईवे और लिंक सड़कों पर दिन-रात संरक्षित पशुओं के घूमने के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकलने से भी डरते हैं। संरक्षित पशुओं को गोशाला में भिजवाना चाहिए। - राहुल वालिया, मानकटाबरा निवासी
संरक्षित पशु किसानों की फसलों को बर्बाद कर देते हैं। किसानों को पूरी-पूरी रात अपने खेतों में रहकर इन संरक्षित पशुओं से अपनी फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है। सरकार को समस्या का हल करना चाहिए। - सोमनाथ, किसान