अपनी ही बेटी से दुष्कर्म कर रिश्तों को तार-तार करने के दोषी पिता को जालंधर ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई 14 साल की सजा को बरकरार रखते हुए हाईकोर्ट ने पिता की अपील को खारिज कर दिया।
शिकायत के अनुसार 23 जुलाई 2009 को पुलिस के पास एक महिला सात साल की बच्ची लेकर आई और बताया कि पिता ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया है। शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि उनके घर से डेढ़ किलोमीटर दूर उनकी जमीन है जहां उनके पशु और ट्यूबवेल की देखरेख के लिए बच्ची के पिता को नौकर रखा था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उस दिन जब वह दूध निकालने के लिए ट्यूबवेल के पास गई तो बच्ची के रोने की आवाज आ रही थी।
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शिकायतकर्ता ने कमरा खोला तो बच्ची का पिता बेटी से दुष्कर्म कर रहा था। शिकायतकर्ता को देखकर वह भाग गया। वह बच्ची को लेकर पुलिस के पास गई। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मेडिकल में अपराध की पुष्टि हो गई। जालंधर की सेशन कोर्ट ने पिता को दोषी करार दे 14 वर्ष की कैद की सजा सुनाई थी। सजा के फैसले के खिलाफ अपील को हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया।