संवाद न्यूज एजेंसी
पिंजौर-कालका-बरवाला। दिल्ली कूच के दौरान किसानों पर आंसू गैस के गोले दागने, रबड़ की गोलियां चलाने, जगह-जगह बैरिकेडिंग कर उनको रोकने के विरोध में शनिवार को पिंजौर, कालका और बरवाला में बड़ी संख्या में किसानों को ट्रैक्टर मार्च किया। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिला प्रधान नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में कालका-पिंजौर और बरवाला में अलग-अलग रैलियां निकाली गईं। पिंजौर और कालका में निकाली रैली में करीब एक सौ ट्रैक्टर शामिल रहे।
जिला प्रधान नरेंद्र सिंह ने बताया कि किसान अपने हकों की लड़ाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार रोकने के लिए उन पर अत्याचार कर रही है। शनिवार को हुसन चौधरी के नेतृत्व में पिंजौर, कालका व दून क्षेत्र में ट्रैक्टर मार्च निकाला गया है।ट्रैक्टर मार्च दून क्षेत्र के गांव चरनिया से शुरू होकर कालका, रेलवे रोड, तहसील के सामने से होते हुए कालका मेन बाजार से होते हुए पिंजौर से गुजरते हुए नालागढ़ रोड पर आकर खत्म हुआ।
एमएसपी गारंटी कानून से मुकर गई सरकार : नरेंद्र नयागांव
बरवाला। एमएसपी गारंटी कानून और अन्य मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह नयागांव और संयुक्त किसान मोर्चा टिकैत ग्रुप के जिलाध्यक्ष ब्रिजपाल राणा खटौली के नेतृत्व में बरवाला में ट्रैक्टर रैली निकाली। ट्रैक्टर मार्च से पहले नरेंद्र नयागांव ने कहा कि केंद्र की सरकार ने एमएसपी गारंटी कानून लागू करने का वादा कर किसानों के आंदोलन को खत्म कराया था परंतु आंदोलन खत्म होने के बाद अपने वादे से मुकर गई है। टालमटोल की नीति अपनाकर किसानों के साथ धोखा कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एमएसपी पर कोई निर्णय न लिए जाने पर जब किसान सरकार से बात करने के लिए दिल्ली जाना चाह रही है, तो उनके लिए युद्ध के मैदान की तरह बड़े बड़े बैरिकेड खड़े किए जा रहे हैं। उन पर आंसू गैस के गोलों की बरसात कर व रबड़ की गोलियां चलाकर उनको बुरी तरह घायल किया जा रहा है। इस मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा टिकैत ग्रुप के जिलाध्यक्ष ब्रिजपाल राणा खटौली ने कहा कि अगर सरकार के दिमाग में यह है कि किसानों में एकता नहीं है तो यह सरकार की गलतफहमी है। इस ट्रैक्टर मार्च में वरिष्ठ किसान भम्बुल सिंह राणा बतौड़, वकील सिंह, सुरिंद्र छीदां, ब्लाक रायपुररानी के प्रधान गुरमीत सिंह, जगतार सिंह मानक्यां, सिमरनजीत भगवानपुर, गुरविंदर व गुरजीत भरैली सहित काफी किसान शामिल रहे।