चंडीगढ़। पंजाब में बाढ़ के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के मुद्दे पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसानों ने मंगलवार को राज्य में मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों और अन्य सियासी नेताओं के घरों के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। 13 सितंबर तक चलने वाले इस आंदोलन का एलान हाल ही में भाकियू डकोंदा के प्रदेश प्रधान बूटा सिंह बुर्जगिल, दोआबा किसान यूनियन के सतनाम सिंह साहनी, मालवा किसान यूनियन के बिंदर सिंह गोलेवाला के नेतृत्व में हुई संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब की बैठक में किया गया था। मंगलवार को तय कार्यक्रम के अनुसार किसानों ने आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्रियों, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब भाजपा के प्रमुख नेताओं के घरों के आगे धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस कड़ी में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के अलावा पटियाला में सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और कैप्टन अमरिंदर सिंह के मोतीमहल आवास, मोहाली में अनमोल गगन मान, मानसा में प्रिंसिपल बुधराम, बरनाला में गुरमीत सिंह मीत हेयर, मुक्तसर में गुरमीत सिंह खुड्डियां, फरीदकोट में विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा, तरनतारन में लालजीत सिंह भुल्लर, बटाला में लालचंद कटारूचक्क, फाजिल्का में भाजपा नेत संजीव जाखड़, फिरोजपुर में भाजपा नेता राणा सोढी, सुलतानपुर लोधी में संत बलबीर सिंह सीचेवाल, होशियारपुर में ब्रह्मशंकर जिंपा, जगरांव में सरबजीत कौर माणुके, अमृतसर में कुलदीप सिंह धालीवाल, रोपड़ में हरजोत सिंह बैंस, मोगा में लाढी धोस समेत अनेक नेताओं के घरों के बाहर धरना शुरू किया गया है।
संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब के नेताओं ने कहा है कि अगर पंजाब सरकार ने समय रहते बाढ़ पीड़ित किसानों के लिए पैकेज का एलान नहीं किया तो 13 सितंबर को मोर्चा की तरफ से पंजाब में आंदोलन को और तेज करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी। मोर्चा ने केंद्र सरकार से भी मांग की है कि वह बाढ़ से हुए नुकसान को राष्ट्रीय संकट घोषित करते हुए पंजाब को 10 हजार करोड़ रुपये का राहत पैकेज जारी करे।