रिटायर्ड कर्मी को देरी से जारी सेवानिवृत्ति लाभ पर 9 प्रतिशत ब्याज देने का आदेश
पूरे दस्तावेज जमा न होने की दलील देते हुए रोका था रिटायरमेंट लाभ का एक हिस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दिव्यांग कर्मचारी की याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि रिटायर्ड कर्मचारी को सेवानिवृत्ति लाभ के लिए दर-दर भटकने नहीं दिया जा सकता। रिटायरमेंट लाभ जारी करने में देरी पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि वह याची को इस पर 9 प्रतिशत ब्याज जारी करे।
याचिका दाखिल करते हुए अमृतसर निवासी शाबेग सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि वह दिव्यांग है और 30 जून 2012 को रिटायर हुआ था। उसने सेवानिवृत्त लाभ से जुड़े दस्तावेज 22 मार्च 2013 को सौंपे थे। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग कर्मचारियों को दो साल अतिरिक्त सेवा लाभ से जुड़ा आदेश जारी किया और याची की रिटायरमेंट को 30 जून 2014 से माना गया। इसके बाद याची ने 9 सितंबर 2015 को दोबारा दस्तावेज सौंपे।
याची ने बताया कि इस दौरान उसे 70 प्रतिशत पेंशन जारी की गई और 90 प्रतिशत ग्रेच्युटी। पंजाब सरकार ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि याची ने जो दस्तावेज सौंपे थे वह पूर्ण नहीं थे। पूर्ण दस्तावेज मिलने के बाद उसे सभी लाभ जारी कर दिए गए। हाईकोर्ट ने कहा कि जब याची ने दस्तावेज सौंप दिए थे तो यह सरकार को सुनिश्चित करना था कि यह पूर्ण हों। याची को रिटायरमेंट के बाद अपना हक पाने के लिए भटकने को मजबूर होने नहीं दिया जा सकता। ऐसे में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि जिस अवधि में याची को रिटायरमेंट लाभ का पूरा भुगतान नहीं किया गया है उस अवधि के लिए उसे 9 प्रतिशत ब्याज का भुगतान किया जाए।