संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। अब जिले में लगने वाले सभी अस्थायी कनेक्शन में प्रीपेड मीटर लगाया जाएगा। बिजली निगम ने कुछ समय पहले ही यह फैसला लिया है। अब इसे लागू भी कर दिया गया है। बिजली चोरी और बिल नहीं भरने के मामलों में कमी लाने के लिए बिजली निगम ने यह फैसला लिया है। अस्थायी कनेक्शन लेने के लिए बिजली निगम में आवेदन किया जाता है। इसके बाद निगम कनेक्शन जारी कर देता है। अब तक बिजली निगम की तरफ से पोस्ट पेड कनेक्शन जारी किए जाते थे।
पहले उपभोक्ता बिजली का उपभोग करता था। इसके बाद उसका बिल भेजा जाता। मगर अब इस प्रक्रिया को बदलकर प्रीपेड कनेक्शन जारी करने शुरू कर दिए हैं। जितने का रिचार्ज होगा, उतनी ही बिजली उपयोग किया जा सकेगा। वहीं दूसरी तरफ बिजली निगम का वर्कलोड भी इससे कम होगा। बिजली आपूर्ति पर मॉनिटरिंग रखना, बिल बनाना और बिल भेजने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निगम को काफी कवायद करनी पड़ती है। अब यह वर्कलोड खत्म हो जाएगा।
यह है अस्थायी कनेक्शन
बिजली निगम की तरफ से स्थायी कनेक्शन पक्के भवन में दिया जाता है, मगर किसी भी घर, सोसाइटी या अन्य किसी भवन के निर्माण के दौरान बिजली की जरूरत पड़ती है, तो उसके लिए बिजली निगम की तरफ से जो कनेक्शन जारी किया जाता है, उसे अस्थायी कनेक्शन कहते हैं। शुरुआत में यह तीन माह के लिए दिया जाता है। इसके बाद हर तीन माह बाद उसे कनेक्शन जारी रखने के लिए आवेदन करना होता है। अधिकतम दो साल तक ही अस्थायी कनेक्शन रखा जा सकता है।
डिफाल्टर होने की संभावना शून्य
प्रीपेड मीटर में उपभोक्ता के डिफाल्टर घोषित होने की संभावना शून्य प्रतिशत हो जाती है। क्योंकि वह उतनी ही बिजली प्रयोग कर पाता है, जितनी धनराशि उसके खाते में होती है। उसके बाद बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। दोबारा रिचार्ज करने पर बिजली आपूर्ति बहाल हो जाती है।
अस्थायी कनेक्शन में उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर दिया जाएगा। बिजली निगम ने नियमों में बदलाव कर यह फैसला किया है। - एमजी जिंदल, एक्सईएन, बिजली निगम