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बिना रीडिंग पिछले साल के हिसाब से भेजे बिजली के बिल : भगवंत मान

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आम आदमी पार्टी (आप) के राज्य प्रधान और सांसद भगवंत मान ने पीएसपीसीएल द्वारा उपभोक्ताओं को भेजे गए बिजली बिलों का सख्त विरोध करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह से मांग की है कि लॉकडाउन के दौरान भेजे जा रहे बिजली बिल तुरंत वापस लिए जाएं। भगवंत मान ने बिना मीटर रीडिंग लिए पिछले वर्ष के हिसाब से बिजली उपभोग के आधार पर भारी-भरकम बिल भेजे जाने को पीएसपीसीएल की खुलेआम लूट करार दिया है। मान ने दलील दी कि न तो इस साल के मौसम और न ही पेश हालत की तुलना पिछले सालों से की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पिछले साल मौसम गर्म होने के कारण मार्च, अप्रैल और मई महीने बिजली की खपत इस साल के मुकाबले कहीं ज्यादा थी। इसलिए किसी भी तरह इन महीनों के बिजली के बिल पिछले साल के मुताबिक तैयार नहीं किए जा सकते। मान ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने यह बिल वापस नहीं कराए तो आम आदमी पार्टी सरकार को कानूनी स्तर पर चुनौती देगी। आप मुख्यालय से सोमवार को जारी बयान में भगवंत मान ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान बिजली के बिल भेजना किसी भी तरह सही फैसला नहीं है। घरों में बैठे लोगों की आमदनी के सभी स्त्रोत ठप हैं। गरीब लोगों के लिए दो समय की रोटी की व्यवस्था बड़ी चुनौती बन चुकी है। ऐसे हालत में सरकार बिजली के बिल वसूलने की सोच भी कैसे सकती है? मान ने अब तक भेजे गए बिल भी वापस लेने की मांग की।
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