माई सिटी रिपोर्टरपंचकूला। विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर वीरवार को हितैषी फाउंडेशन के सदस्यों ने सेक्टर-12 में स्थित शहीद करतार सिंह सामुदायिक केंद्र में रह रहे बुजुर्गों का दर्द बांटा। इस मौके पर बुजुर्गों ने अपनी भावनाओं को साझा किया। परिजनों द्वारा किए दुर्व्यवहार, तिरस्कार और उत्पीड़न को सुनकर माहौल मार्मिक हो गया। फाउंडेशन ने इन बुजुर्गों को गुलाब के फूल, फल, मिठाइयां और ड्राईफ्रूट, दूध भेंट किया।
फाउंडेशन के चेयरमैन भारत हितैषी ने बताया कि वृद्धाश्रम में रह रही एक महिला बुजुर्ग प्रताड़ित किए जाने के बाद अपने घर से जहर की पुड़िया साथ लेकर आई थी। ऐसे ही एक बुजुर्ग दंपती का पुत्र आईटी कंपनी में और बहू बड़े सरकारी अस्पताल में चंडीगढ़ में सीनियर नर्स तैनात है। सारी उम्र अपने बच्चों का इतने शौक से पालन-पोषण किया। आज वही बच्चे अपने कॅरिअर के अभिमान में अपने मां-बाप को इस वृद्धाश्रम में छोड़कर चले गए हैं। भारत हितैषी ने दुख जताया कि आधुनिक भारत का निर्माण करने वाली आज की 60 से 85 वर्ष के बुजुर्गों की पीढ़ी के साथ उनकी अपनी संतान द्वारा घरेलू हिंसा और दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
फाउंडेशन के संरक्षक संजय आहूजा ने मांग की कि ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा के लिए सरकार को मानवाधिकार आयोग की तर्ज पर बुजुर्ग अधिकार आयोग का गठन करना चाहिए। मुख्य सलाहकार प्रोफेसर बीके गुप्ता और सचिव प्रेम लाल गुप्ता ने कहा कि हालात यह हैं कि 70 प्रतिशत युवा-युवतियां अपने मां-बाप को बड़ा बोझ समझती हैं।
फाउंडेशन के प्रधान एनसी स्वामी, मार्गदर्शक बाबू दलजीत सिंह, दिनेश सिंगला, जीडी बत्रा, शिव कुमार वर्मा आरके शर्मा ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को मल्टीपल बीमारियों की मार झेलनी पड़ती है। महंगे इलाज के लिए बुजुर्ग अपने को असहाय महसूस करते हैं। भारत सरकार द्वारा 60 वर्ष से अधिक आयु के समस्त वरिष्ठ नागरिकों को कम से कम 5 लाख रुपये तक का मुफ्त हेल्थ कवर प्रदान किया जाए ताकि उन्हें समुचित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किसी पर निर्भर न रहना पड़े।