पंचकूला। सिरसा जिले के गांव चौटाला में हुए डबल मर्डर मामले में आठ आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत ने बरी कर दिया है। इसमें छोटूराम भाट, महेंद्र उर्फ गंगाजल, सुखविंदर उर्फ मिड्डा, सुखराम उर्फ कालू, रविंदर उर्फ विक्की, सुखदीप सिंह उर्फ सुख, हरसिमरनदीप सिंह उर्फ सेमा, सुखजीत सिंह के खिलाफ सबूत नहीं मिले। इस कारण आरोपियों को बरी कर दिया गया है। इस मामले के वकील यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि मामले में रणबीर सिंह की शिकायत पर सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसमें अमित सहारण और सतबीर पूनियां की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में आरोपी जिपी उर्फ डॉन, बंटी उर्फ कमलजीत सिंह और निशांत सिंह की पंजाब पुलिस के साथ मुठभेड़ में पहले ही मौत हो चुकी है। ये था डबल मर्डर मामला
11 जनवरी 2017 की रात चौटाला गांव में स्थित प्रदीप गोदारा के किनू वैक्सिंग प्लांट में सतवीर पूनिया और अमित सहारण उर्फ घन्ना की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके साथ बैठे रणबीर सिंह ने मेज की नीचे छिपकर जान बचाई थी। पुलिस ने रणवीर सहारण के बयान पर केस दर्ज किया था। इस मामले में दोनों मृतकों की पत्नी नवीना और भावना ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि पुलिस प्रदीप गोदारा की भूमिका की जांच नहीं कर रही है। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जनवरी 2017 में हरियाणा के सिरसा जिले के चौटाला गांव में हुए दोहरे हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने के आदेश दिए थे। 18 सितंबर 2018 को हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंपकर 10 सप्ताह में रिपोर्ट अदालत में पेश करने के आदेश दिए थे। इसके बाद इस मामले की जांच करके सीबीआई ने आरोप पत्र पंचकूला की सीबीआई की विशेष अदालत में दायर किया। मामले में सीबीआई ने जांच के बाद प्रदीप गोदारा को क्लीन चिट दे दी थी।
सीसीटीवी के तार काट दिए गए थे
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता नवीना और भावना ने आरोप लगाया था कि हमलावरों ने प्रदीप गोदारा के ऑफिस से निकलने के बाद ही गोलियां बरसाई और हत्याकांड को अंजाम दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि जानबूझकर घटना से एक दिन पहले सीसीटीवी कैमरों के तार काट दिए गए। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि गोदारा आपराधिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति है। पहले भी 29 अप्रैल 2006 को हुए चांद सिंह हत्याकांड में लिप्त रहा है। याचिका ने कहा गया कि पुलिस ने राजनीतिक संरक्षण के चलते गोदारा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।