पंचकूला। हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा के प्रत्येक अस्पताल में जल्द ही ई-लाइब्रेरी की शुरूआत की जाएगी। इसके साथ मेडिकल कॉलेज भी जुड़े होंगे ताकि डीएनबी कोर्स करने वाले छात्रों को नवीनतम और विश्व स्तर की जानकारी प्राप्त हो सके। मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज पंचकूला के सेक्टर- 5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में डीएनबी ओरिएंटेशन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि डीएनबी कोर्सों के शुरू होने से न केवल स्वास्थ्य विभाग को लाभ होगा बल्कि डॉक्टरों की एजुकेशन में बढ़ोतरी होगी। इससे राज्य के स्वास्थ्य विभाग को दोहरा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि डीएनबी ढांचागत के लिए केंद्र सरकार ने नौ करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसमें उपकरण और गेस्ट फैकल्टी आएंगे। राज्य में डीएनबी कोर्सों के लिए 76 सीटें हैं और जल्द ही इनकी संख्या को बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य के 21 जिलों में डायलिसिस सेंटर, 22 जिलों में सिटी स्कैन, 4 जिलों में कैथ लैब संचालित हैं। अंबाला कैंट में पिछले चार सालों में 10 हजार स्टंट डाले गए हैं। स्वास्थ्य विभाग मे 1250 डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। इसमें से 950 डॉक्टरों को चयनित किया गया है। जल्द ही ये डॉक्टर विभाग में अपनी सेवाएं देंगे। छह मेडिकल कॉलेज चला रहे हैं जबकि छह नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं।
छात्रों को प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. वीना सिंह, पंचकूला के पीएमओ डॉ. राजीव कपूर ने भी लोगों को संबोधित किया। उन्होंने डीएनबी पाठ्यक्रमों की रूपरेखा रखी। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने डीएनबी छात्र डॉ. अदिति और डॉ. राहुल पाण्डेय को प्रमाण पत्र दिए। इसके अलावा उन्होंने अनीमिया मुक्त हरियाणा और सिनर्जी जर्नल पुस्तिकाओं का विमोचन किया। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने स्वास्थ्य मंत्री को शॉल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया।
इसके अलावा एनएचएम के प्रबंध निदेशक प्रभजोत सिंह व स्वास्थ्य सेवाएं विभाग की महानिदेशक डॉ. वीना सिंह को भी स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। अंत में पंचकूला की सिविल सर्जन डॉ. मुक्ता कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।