चंडीगढ़। तावड़ू में डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई की हत्या और हरियाणा के विधायकों को मिल रही धमकियों को देखते हुए और कड़े कानून बनाने की तैयारी की जा रही है। बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल, एडीजीपी सीआईडी आलोक मित्तल, एडीजीपी (कानून व्यवस्था) संदीप खिरवार और आईजी (सुरक्षा) सौरभ सिंह के साथ बैठक कर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए कानून बदलने, सुधार की जरूरतों पर चर्चा की।
गुप्ता ने विधायकों की सुरक्षा और प्रदेश में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए अगर कानून बदलने या सुधार की जरूरत है तो तुरंत सुझाव दें। इसके लिए कठोरतम कानून भी बना जा सकते हैं। विधायकों की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों को प्रशिक्षण के साथ अत्याधुनिक हथियार मुहैया कराए जाएं। विधायकों की सुरक्षा के साथ-साथ प्रदेश में कानून सुरक्षा के लिए पुलिस को चाक-चौबंद रहना होगा।
नूंह जिले के पचगांव में खनन माफियाओं ने जिस प्रकार की वारदात को अंजाम दिया है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। इस प्रकार की वारदात दोबारा न हो इसके लिए पुलिस को अतिरिक्त ध्यान देना होगा। उन्होंने डीजीपी और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों को कहा कि कानूनों में संशोधन के सुझाव दें। अगर कानूनों में किसी कमी के कारण अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं, तो हमें उनकी तुरंत समीक्षा करनी होगी। पुलिस विभाग की तरफ से ठोस सुझाव दिए जाएं।
गुप्ता ने कहा कि विधायकों की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों के पास उपलब्ध हथियारों की समीक्षा की जरूरत है, तो करें। विधायक लोकतंत्र के आधार स्तंभ हैं। जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को जान से मारने की धमकी देने वाले सीधे-सीधे लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। अगर उन्हें इस प्रकार की धमकियां मिलेंगी, तो वे अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा पाएंगे।