गुरुग्राम। अरावली के 10 हजार एकड़ में बनने वाली विश्व की सबसे बड़ी जंगल सफारी में अंडर वाटर वर्ल्ड के जरिए समुद्री जीव जंतुओं का दीदार करने का अवसर मिलेगा। जीव-जंतु और पशु-पक्षियों की देशी-विदेशी प्रजातियों के लिए यहां 10 अलग-अलग जोन बनाए जाएंगे। गुरुग्राम की 6 हजार और नूंह की 4 हजार एकड़ जमीन चिन्हित कर इसका प्रारंभिक प्रारूप तैयार कर लिया गया है।
इसके निर्माण के लिए वन विभाग 10 हजार एकड़ क्षेत्र को फॉरेस्ट एरिया घोषित कर चुका है। अरावली फाउंडेशन बनाने की तैयारी कर ली गई है। अब केंद्रीय चिडि़याघर प्राधिकरण को विदेशी और देशी जंगल सफारियों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, अरब और एशिया के जीव जंतु होंगे
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मुताबिक गुरुग्राम की जंगल सफारी में स्तनधारी, जमीन पर चलने वाले, रेंगने वाले, उड़ने वाले और पानी में रहने वाले जीव जंतुओं और पशु-पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के लिए अलग-अलग 10 जोन बनेंगे। यहां अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, अरब और एशिया के जीव-जंतुओं और पशु-पक्षियों को रखा जाएगा। शेर-बाघ, तेंदुए और चीता के लिए चार जोन बनेंगे। उन्होंने कहा चीता दुर्लभ है, लेकिन केंद्र सरकार से यहां जरूरत के हिसाब से एक चीता के लिए आग्रह किया गया है।
अंडर वाटर वर्ल्ड:
इसमें मगरमच्छ, मछलियों की विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के अलावा पानी में रहने वाले छोटे-बड़े सभी जंतुओं का दीदार करने का अवसर मिलेगा। इसमें उन प्रजातियों को शामिल किया गया है जो अक्सर समुद्र में देखी जाती है। एक तरह से एक्वेरियम होगा।
हारपेटेरियम: इसमें रेंगने वाले सभी प्रकार के जीव जंतुओं को रखा जाएगा। विभिन्न प्रकार के सांप, छिपकली, चंदनगोह और दूसरे जंतु रहेंगे। यह पूरा रेपटाइल्स एरिया होगा।
एवरी बर्ड पार्क: यह एक तरह से पक्षियों के लिए होगा, जिसमें सभी प्रकार के छोटे-बड़े पक्षी रखे जाएंगे। पक्षियों को यहां मौसम के हिसाब से रखा जाएगा। यहां अधिकांश प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां होंगी। साइबेरिया, अफ्रीका, आस्ट्रेनिया, सर्बिया जैसे देशों के पक्षियों का दीदार यहां कर सकेंगे। इसके अलावा शाकाहारी जानवरों के लिए एक अलग क्षेत्र आरक्षित होगा।
नेचर ट्रेल: यहां सैलानियों के लिए वॉकिंग, साइकिलिंग, ट्रैकिंग की सुविधा मिलेगी। सैलानियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए खास किस्म का क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
विजिटर टूरिज्म जोन:
यहां एक ऑडिटोरियम होगा, जिसमें पशु-पक्षियों से संबंधित थ्री-डी शो होंगे। जीव जंतुओं और पशु-पक्षियों की विभिन्न प्रकार की प्रजातियों को जानने समझने के ऐतिहासिक तथ्यों के साथ एक प्रदर्शनी होगी। साथ ही प्रकृति की गोद में रहने वाले देश दुनिया के जीवों, पशु-पक्षियों का स्टडी सेंटर होगा।
बॉटेनिकल गार्डन: यह एक तरह से बायोम्स होगा। यह ट्रैपिकल फॉरेस्ट जोन होगा जिसमें देश दुनिया के विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे और फूल लगेंगे। इसे ट्रोपिकल कोस्टल डेजर्ट का नाम दिया जाएगा। 300 से अधिक प्रजातियां होंगी।
इस जंगल सफारी में जीव-जंतुओं और पशु-पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियां रखी जाएंगी। पक्षियों की 180 प्रजातियां, स्तनधारी वन्य जीव की 15, रेपटाइल्स और पानी में रेंगने वाली 29, तितलियों की 57 प्रजातियां होंगी।
बढ़ेगी इकॉनोमी
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इस जंगल से इलाके की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। यहां रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। ग्र्रामीणों को होम स्टे पॉलिसी का भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार के साझे प्रयासों से यह सफारी विकसित की जाएगी।