विधानसभा और लोकसभा उपचुनाव में शिरोमणि अकाली दल को मिली हार से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर उठ रही मांग और बढ़ती बगावत को रोकने के लिए शिअद की अनुशासन समिति सख्त हो गई है। शुक्रवार को समिति की पहली बैठक में पार्टी विरोधी गतिविधियों की जिलों से सबूत के साथ रिपोर्ट मांग ली गई है। साथ ही समिति ने फैसला किया कि पार्टी विरोधी बयानबाजी करने वाले नेताओं को बख्शा नहीं जाएगा।
पार्टी मुख्यालय में शिरोमणि अकाली दल की अनुशासन कमेटी की पहली बैठक की अध्यक्षता समिति के चेयरमैन सिकंदर सिंह मलूका ने की। इस बैठक में समिति के अन्य सदस्य शरनजीत सिंह ढिल्लों, मंतर सिंह बराड़ और डॉ. सुखविंदर सिंह सुक्खी भी शामिल हुए। बैठक में पार्टी के अंदर अनुशासन कायम रखने को लेकर गंभीरता के साथ विचार विमर्श किया गया और फैसला किया गया कि अनुशासन कमेटी द्वारा किसी भी तरह की पार्टी विरोधी गतिविधि सहन नहीं की जाएगी तथा उसके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के बाद सिकंदर सिंह मलूका ने कहा कि कोई भी संस्था अनुशासन के बगैर आगे नहीं बढ़ सकती तथा जो व्यक्ति पार्टी से बाहर जाकर पार्टी के खिलाफ कोई भी बात करता है तो उसका मकसद पार्टी की शक्ति को कमजोर करना होता है। उन्होंने कहा कि कमेटी ने आज पिछले समय में पार्टी अनुशासनहीनता की कुछ शिकायतों के संबंध में छानबीन की है तथा यह काम अगली मीटिंगों में भी जारी रहेगा।
यदि अनुशासन कमेटी को लगा कि किसी के खिलाफ अनुशासनीय कार्रवाई की जरूरत है तो मर्यादा के अनुसार उसे नोटिस जारी करके उसे अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। अगर जवाब संतोषजनक न हुआ तो अगली कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पार्टी की जिला तथा सर्कल इकाइयों से अपील की है कि अगर उनके ध्यान में कोई पार्टी विरोधी गतिविधि आती है तो इसे पार्टी के मुख्य कार्यालय चंडीगढ़ को सबूतों सहित भेजा जाए ताकि पार्टी विरोधी काम करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।