फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा ः तीन माह से लापता दिव्यांग लड़की रिटायर्ड डीजीपी की मदद से परिजनों तक पहुंची

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पिछले तीन माह से लापता उत्तर प्रदेश की 14 साल की दिव्यांग लड़की को हरियाणा के रिटायर्ड डीजीपी डा. जॉन वी जार्ज की मदद से केरल से ढूंढ निकाला। लड़की के हिंदी भाषी होने के चलते केरल की पुलिस को समझने में दिक्कत आ रही थी, लेकिन हरियाणा स्थित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने केरल पुलिस और बच्ची से बात कर उसके परिजनों को ढूंढ निकाला। अब बच्ची को परिजनों सौंप दिया गया है। एल्लेपी, केरल के चाइल्ड केयर अधिकारियों को नाबालिग से काउंसलिंग करने में और परिवार को ढूंढने में समस्या आ रही थी। चाइल्ड वेलफेयर इंस्पेक्टर ने स्टेट क्राइम ब्रांच हरियाणा से संपर्क किया। जांच से पता चला लड़की गलती से ट्रेन से पहले आंध्र प्रदेश पहुंची और वहां से केरल के एल्लेपी में पहुंच गई।
विज्ञापन

एएचटीयू पंचकूला में कार्यरत एएसआई राजेश कुमार ने वीडियो कॉल द्वारा नाबालिग की काउंसिलिंग की। इस दौरान पता चला कि भाषा से अनजान होने के कारण वह एल्लेपी में पदाधिकारियों को अपनी बात नहीं समझा पा रही है, क्योंकि वहां मलयालम भाषा बोली जाती है। राजेश कुमार ने केरल निवासी और हरियाणा पुलिस के रिटायर्ड डीजीपी डॉ. जॉन वी जार्ज से संपर्क किया। रिटायर्ड डीजीपी ने एक सहयोगी का नंबर दिया जो हिंदी और मलयालम दोनों भाषाएं जानता था। इसके बाद उनसे बात करने का बाद लड़की के परिजनों की तलाश शुरू की गई। मुजफ्फरनगर में बागवाली मस्जिद के पास परिजनों को इसकी सूूचना दी गई। नाबालिग की पहले माता पिता से वीडियो कॉल पर बात करवाई गई। स्टेट क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि यदि कोई महिला, बच्चा या पुरुष आपको कहीं लावारिस दिखे तो उसे अनदेखा ना करें। उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट का मुख्य उद्देश्य बंधुआ मजदूर, देह व्यापार और बाल श्रम पर अंकुश लगाना व लापता को अपनों से मिलवाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें