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डिंगरहेडी मामला : चारों दोषियों पर लगाया 10.20 लाख का अर्थदंड

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अपनी टिप्पणी में अदालत ने कहा- दोषी समाज के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं, पुनर्वास की कोई संभावना नहीं
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। डिंगरहेडी में दोहरी हत्या और सामूहिक दुष्कर्म मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। इसमें सीबीआई की विशेष अदालत के स्पेशल जज राजीव गोयल ने टिप्पणी कर कहा कि अपराध इतनी बेरहमी से किया गया है कि यह समाज की अंतरात्मा को झकझोर देता है। अपराधियों ने पीड़ितों के साथ अमानवीय व्यवहार और अत्याचार किया। इसमें वह अपमानजनक ढंग से शामिल हुए। पीड़ितों पर हमले निर्दयी और भीषण थे।
इसमें कुछ पीड़ित युवा और असहाय बच्चे थे। दोषियों ने सोलह साल की एक नाबालिग और 21 साल की विवाहिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दोषियों का आपराधिक कृत्य धन के लालच से प्रेरित था। ऐसा कृत्य उन्होंने प्लानिंग बनाकर योजनाबद्ध तरीके से किया है। दोषी समाज के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। इनमें सुधार या पुनर्वास की कोई संभावना नहीं है। इसलिए इन्हें फांसी की सजा दी गई है। सामूहिक दुष्कर्म और हत्या अमानवीय तरीके से की गई।
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दोषियों को मौत की सजा से बख्शा नहीं जा सकता है। सीबीआई की विशेष अदालत के जज राजीव गोयल ने चारों दोषियों विनय, जय भगवान, हेमंत चौहान और आयान चौहान सहित सभी पर 10.20 लाख रुपये का अर्थ दंड भी लगाया गया है। अर्थदंड नहीं देने पर दोषियों को अतिरिक्त दो साल की सजा सुनाई है। यह सभी सजाएं साथ चलेंगी। इसमें कोर्ट ने निर्देश दिए कि अगर दोषी अर्थदंड देते हैं तो यह 10.20 लाख रुपये की रकम को दोनों दुष्कर्म पीड़िताओं को दिया जाएगा।
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