माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। जिले के अति संवेदनशील जोन सहित पंचकूला के सेक्टरों में भी डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है। लारवा मिलने के बाद सेक्टरों और अति संवेदनशील जोन में डेंगू फैलने का खतरा बना हुआ है। दवा का छिड़काव बारिश के बाद जरूरी है, लेकिन निगम की तरफ से एक माह पहले ही जून में फॉगिंग कर दी गई। अब यह छिड़काव नहीं हो रहा है। पंचकूला जिले में अब तक डेंगू के तीन मामले सामने आए हैं। वहीं अंबाला, यमुनानगर सहित अन्य जिलों से भी रेफरल डेंगू के मामले आ रहे हैं। बारिश के बाद अब लगातार शहर में डेंगू का लारवा मिल रहा है। डेंगू का लारवा मिलने पर 8000 लोगों को नोटिस दिया जा चुका है। निगम की तरफ से फॉगिंग का कोई प्लान नहीं है। डेंगू की रोकथाम के लिए निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमों का संयोजन भी नहीं हैं। इस कारण दवा का छिड़काव अति संवेदनशील जोन में नहीं हो पाया है। वहीं लारवा मिलने वाली जगहों पर भी दोबारा छिड़काव नहीं हो पाया है।
नगर निगम की तरफ से शेड्यूल के हिसाब से दवाई का छिड़काव पूरे शहर में किया जा चुका है। अगर लारवा जैसी बात है तो स्वास्थ्य विभाग के साथ मीटिंग कर इस समस्या का निदान निकालेंगे। - कुलभूषण गोयल, महापौर, पंचकूला नगर निगम
विभाग डेंगू को कंफर्म करता है तो टीम संबंधित क्षेत्र में जाकर फॉगिंग करती है। जहां लारवा मिल रहा है, वहां पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पूरी नजर रखी जा रही है। -डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6, पंचकूला