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डेंगू का डंक : कालका में 25 और जिले में पीड़ितों की संख्या 28 पहुंची

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पंचकूला/कालका। जिले के विभिन्न हिस्सों में डेंगू ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। शनिवार को डेंगू के तीन नए मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें कालका एक, पिंजौर एक, मनीमाजरा का एक मरीज शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विंग ने एंटी लारवा का छिड़काव करवा दिया है। इसी के साथ जिले में डेंगू का आंकड़ा 28 पहुंच गया है। इनमें सबसे ज्यादा डेंगू के कालका से 25, पिंजौर से दो और सेक्टर-21 से एक मामला सामने आया है। कालका के खेड़ा सीताराम, अपर और टिब्बी मोहल्ला से सबसे ज्यादा मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। यहां पर लोग पेयजल का स्टोरेज करते हैं। इस कारण यहां डेंगू के सबसे अधिक लारवा मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग का मलेरिया विंग भी सक्रिय हो गया है। वर्तमान में कालका के 21 मरीज स्वस्थ हैं, जबकि तीन मरीजों की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
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मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए चलाया अभियान
बारिश के दिनों में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सबसे ज्यादा डेंगू के मामले कालका एरिया में पाए जाने पर उप मंडल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी रूपिंदर सैनी के निर्देशानुसार शनिवार को परेड मोहल्ला कालका में घर-घर जाकर स्वास्थ्य कर्मियों ने सोर्स रिडक्शन एक्टिविटी किया। इन दिनों डेंगू, मलेरिया का मच्छर ज्यादा एक्टिव होता है, लेकिन आपकी सतर्कता इन बीमारियों से बचा सकती है। उन्होंने बताया कि हिमाचल का सीमावर्ती औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण खेड़ा सीता राम, टीबी मोहल्ला, परेड मोहल्ला, अप्पर मोहल्ला, वाल्मीकि बस्ती और भैरों की शेर को सेंसटिव जोन मानकर घर घर सोर्स डिडक्शन एक्टिविटी की जा रही है। बुखार ग्रस्त लोगों की रक्त पट्टिकाएं बनाई जा रही हैं। जो लोग घरों में लारवा मिलने पर पानी के कंटेनर को खाली करने में आनाकानी करते हैं, उनको स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नोटिस दिए जा रहे हैं।
उपमंडल अस्पताल कालका की स्वास्थ्य टीम लगातार डेंगू पॉजिटिव केसों की रीविजिट कर रही है। चूंकि हिमाचल सीमावर्ती औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण खेड़ा सीता राम, टीबी मोहला, परेड मोहल्ला, अप्पर मोहला, वाल्मीकि बस्ती और भैरों की शेर सेंसेटिव जोन में घर घर जाकर सोर्स डिडक्शन एक्टिविटी की जा रही है। बुखार ग्रस्त लोगों की रक्त पट्टिकाएं बनाई जा रही हैं। जो लोगों घरों में लारवा मिलने पर पानी के कंटेनर को खाली करने में आनाकानी करते हैं, उनको नोटिस दिए जा रहें हैं। बारिश के दिनों में हर छोटे से छोटे बर्तन में डेंगू का लारवा मिल सकता है, घबराएं नहीं सतर्कता बरतें। - संदीप कुमार, स्वास्थ्य निरीक्षक।
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