जनरल वीपी मलिक सहित पीड़ित बोले-शहर में 200 मकानों को पहुंचा है नुकसान
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। प्रदेश में स्टिल्ट+4 मंजिल (बहुमंजिला) योजना को मंजूरी दे दी गई है। हरियाणा के वित्त और नगर एवं योजना विभाग के मंत्री जेपी दलाल ने मंगलवार को चंडीगढ़ में यह एलान किया है। इसके बाद से पंचकूला में स्टिल्ट+4 मंजिल का दोबारा विरोध शुरू हो गया है। स्टिल्ट+4 मंजिल से पंचकूला में करीब 200 मकानों को नुकसान पहुंचा है। लोगों के मकानों की नींव तक हिल गई है। मरम्मत के बाद भी लोगों के मकानों की दरारें कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। सरकार के इस फैसले का पूर्व थल सेना अध्यक्ष वीपी मलिक सहित पीड़ित लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि सरकार ने बिल्डर लॉबी के दबाव में आकर फैसला लिया है। सरकार को अपना और बिल्डरों का मुनाफा दिख रहा है। लोगों का स्टिल्ट+4 मंजिल के निर्माण के चलते करोड़ों का नुकसान हो गया। उनके बारे में सरकार ने फैसला लेते समय एक बार भी नहीं सोचा। इसकी भरपाई कैसी होगी।
बिल्डर लॉबी के दबाव में है सरकार
पूर्व थल सेना अध्यक्ष वीपी मलिक ने कहा कि बिल्डर लॉबी के दबाव में आकर प्रदेश में स्टिल्ट+4 मंजिल (बहुमंजिला) योजना को मंजूरी दी गई है। इससे सेक्टरों का हवा-पानी तो प्रभावित होगा ही साथ में पड़ोसियों को सारी उम्र एक दूसरे के साथ लड़ाई-झगड़ में कोर्ट-कचहरी में गुजर जाएगी। पंचकूला शहर योजनाबद्ध तरीके से बसाया गया है। सरकार मास्टर प्लान बदलने पर तुली हुई है। सेक्टरों में स्टिल्ट प्लस 4 बिल्डिंग बनाए जाने से साथ लगते मकानों में दरार आ रही है।
बिल्डरों का फायदा पहुंचाने में जुटी सरकार
सेक्टर-16 मकान नंबर 833 निवासी जेएल नंदा ने बताया कि बिल्डरों का फायदा पहुंचाने में सरकार जुटी है। मेरा पड़ोस में शुरू हुए स्टिल्ट+4 मंजिल के निर्माण के कारण मकान क्षतिग्रस्त हो गया था। कई दीवारों में दरारें आ गई थी। पूरा एक फ्लोर खत्म हो गया था। इस संबंध में सीएम विंडो से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक गुहार लगाया। 2019 से इंसाफ के लिए लड़ रहा हूं, लेकिन सरकार ने फैसला लेते समय एक बार भी नहीं सोचा कि जिनका नुकसान हुआ है। भरपाई कैसे होगी। दोबारा इस फैसले को लोगों पर थोपा जा रहा है।
लोगों के मकानों के नुकसान के बाद भी नियम कर दिया लागू
सेक्टर-10 निवासी शशिबाला ने कहा कि कई लोगों के मकानों की स्टिल्ट+ 4 मंजिल के निर्माण ने नींव हिला दी है। उसके बाद भी सरकार ने स्टिल्ट+4 मंजिल निर्माण को मंजूरी दी है। यह फैसला गलत है। इस पर सरकार को विचार करना चाहिए। मेरे पूरे मकान की नींव तक हिल गई है। 11 जगहों पर दरारें आई हैं। फर्श को सही कराने के बाद भी दरारें पड़ने लगी हैं।
इन नियमों पर एक नजर
- एक यूनिट में अगर 18 लोग रहेंगे, तो उसमें स्टिल्ट+ 4 की अनुमति होगी।
- जिन जगहों पर 10 मीटर चौड़ी सड़क होगी वहां स्टिल्ट+ 4 का निर्माण कर सकते हैं।
- मालिक को स्टिल्ट+ 4 के लिए पड़ोसी की अनुमति लेना जरूरी होगा।
- 250 गज के छोटे प्लांट में बेसमेंट की अनुमति नहीं होगी।
सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन ने किया विरोध
पंचकूला। सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके नैय्यर ने बताया कि स्टिल्ट प्लस 4 मंजिल की मंजूरी मिली थी। तब पड़ोसियों में आपसी लड़ाई झगड़े होने लगे थे। स्टिल्ट प्लस 4 मंजिल की मंजूरी पुराने सेक्टरों में नहीं मिलनी चाहिए। स्टिल्ट प्लस 4 मकानों के बनने के बाद सेक्टरों में सेवाएं प्रभावित होती हैं। इसमें सीवरेज, पानी, बिजली, पार्किंग, वाहनों के यातायात आदि शामिल हैं।