चंडीगढ़। आदेश मेडिकल काॅलेज बठिंडा के एमडी डाॅक्टर गुरप्रीत गिल की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी गई। लुधियाना की अतिरिक्त जिला और सेशन अदालत में बुधवार को इस मामले में सुनवाई थी। राज्य विजिलेंस ब्यूरो की ओर से पंजाब राज्य फार्मेसी काउंसिल ( पीएसपीसी) के रजिस्ट्रारों और कर्मचारियों की मिलीभगत के साथ अयोग्य उम्मीदवारों को दाखिल करने और डी-फार्मेसी की डिग्रियां जारी करने के आरोप में डाॅक्टर गिल को गिरफ्तार किया गया था। प्राइवेट फार्मेसी काॅलेजों के मालिकों, प्रिंसिपलों समेत पीएसपीसी के पूर्व रजिस्ट्रारों, कर्मचारियों और दूसरे के विरुद्ध अयोग्य विद्यार्थियों को दाखिले, पंजीकरण और डी- फार्मेसी के लाइसेंस जारी करने में अनियमितताएं करने के लिए ब्यूरो ने पहले ही एफआईआर दर्ज की थी। 8 दिसंबर, 2023 को यह एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के अधीन आर्थिक अपराध विंग विजिलेंस ब्यूरो के थाना लुधियाना रेंज में आपराधिक मामला दर्ज है। इस मामले में आगे की जांच जारी है। जांच-पड़ताल कर पीएसपीसी के अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों और क्लर्कों के साथ-साथ प्राइवेट काॅलेजों से संबंधित लोगों की भूमिकाओं की भी जांच की जाएगी।
गौरतलब है कि डाॅक्टर गुरप्रीत गिल को 15 जनवरी 2024 को गिरफ्तार करके अगले दिन अदालत में पेश किया गया था, परंतु वकील ने उसकी सर्जरी का मेडिकल रिकॉर्ड पेश किया था। इस पर लुधियाना की अदालत ने स्थानीय सिविल अस्पताल से डाॅक्टरी जांच करवाने के आदेश दिए थे। अस्पताल के तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने उसे 16 जनवरी 2024 को पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया था और उसे ब्यूरो की न्यायिक हिरासत के अधीन पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया था। यहां मेडिकल बोर्ड ने जांच करने के बाद उसको 24 जनवरी 2024 को पीजीआई से छुट्टी दे दी थी।